BIHAR NEWS: मामूली से मर्ज पर डॉक्टर ने लगा दिए 4 इंजेक्शन, मरीज की मौत के बाद भी रेफर करने की करता रहा बात, खूब हुआ हंगामा

BIHAR NEWS: मामूली से मर्ज पर डॉक्टर ने लगा दिए 4 इंजेक्शन, मरीज की मौत के बाद भी रेफर करने की करता रहा बात, खूब हुआ हंगामा

BHAGALPUR: गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति का अस्पताल के बजाए निजी क्लीनिक में इलाज काफी जानलेवा हो सकता है। कई बार निजी क्लीनिक में ऐसे जरूरी उपकरण औऱ सुविधाएं मौजूद नहीं रहते हैं, और अभीव में मरीज की मौत हो जाती है। ऐसा ही मामला सामने आया है भागलपुर जिले के मुर्गियाचक गांव में, जहां निजी क्लीनिक में उचित इलाज के अभाव में मरीज की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, मुर्गियाचक गांव में डॉक्टर जफर जावेद के निजी क्लीनिक में बबुरा गांव थाना धनकुण्ड जिला बांका के 30 वर्ष के मोहम्मद इरफान का इलाज जारी था। इलाज के दौरान मौत होने पर क्लीनिक में मृतक के परिजनों ने काफी हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची और लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। मृतक की पत्नी रूबी खातून ने बताया कि मेरे पति को कुछ दिनों से पेट में दर्द रहता था। वह पैदल चलकर डॉक्टर जावेद जफर के क्लीनिक में लगभग एक बजे आए। डॉक्टर ने देखकर कहा कि पेट में गैस फंस गयी है। इस मामूली सी बात के बाद डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड किया और मरीज को एक-एक कर चार इंजेक्शन लगा दिया गया। इंजेक्शन लगाने के बाद उसको नींद आ गई। बाद में वहां मरीज के परिजन पहुंचे औऱ उन्हें नींद में देखा। रूबी खातून ने पति को बहुत देर तक जगाने की कोशिश की, मगर वह उठ नहीं रह थे। जिसके बाद वह घबराकर डॉक्टर के पास गई और उन्हें देख लेने को कहा। उनके बुलाने पर डॉक्टर आए और पति को देखकर बोले कि हालत खराब है। बेहतर इलाज के लिए भागलपुर ले जाने की बात करने लगे। इतनी देर के बाद भी उन्होनें यह नहीं बताया कि उनकी मौत हो गई है।

परिजन मोहम्मद असद आलम ने बताया कि मोहम्मद इरफान बिल्कुल स्वस्थ थे। पैदल चलकर के इनके क्लीनिक में आए थे। डॉक्टर के इंजेक्शन देने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। सनहौला थाना के पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच कर आक्रोशित लोगों को शांत कराया और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। 

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