बारूद के ढेर पर बिहार, कहीं दिनदहाड़े हत्या तो कहीं बम और गोलियों की बौछार

बारूद के ढेर पर बिहार, कहीं दिनदहाड़े हत्या तो कहीं बम और गोलियों की बौछार

पटना. बिहार में अपराध की घटनाएँ रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. खासकर निर्वाचित प्रतिनिधियों को गोली मारने की एक के बाद एक वारदातें राज्य में सामने आ रही हैं. मंगलावर को पटना के फुलवारीशरीफ प्रखंड में एक नवनिर्वाचित मुखिया की गोली मारकर हत्या की गई. दो दिन पूर्व भी पटना के पंडारख प्रखंड में एक मुखिया, एक दरोगा सहित तीन लोगों की गोली मारकर हत्या हुई थी. वहीं उसी दिन पटना के नौबतपुर में एक वार्ड पार्षद की गोली मारकर हत्या हुई. 

न सिर्फ पटना में बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. खासकर गोली चलाने और बमबाजी की बातें खतरनाक होती जा रही है. पिछले दो दिनों में भागलपुर में बम विस्फोट और बम बरामदगी के मामलों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है. भागलपुर में सोमवार को एक टिफिन बम विस्फोट से पूरा इलाका थर्रा गया था. अब लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी भागलपुर में बम मिला है. भागलपुर के सैदपुर गांव में एक तलाब के पास से दो जिंदा बम बरामद हुए हैं. अब स्थानीय लोग बम बरामदी को किसी बड़ी घटना को अंजाम दिए जाने से जोड़ कर देख रहे हैं. सैदपुर में मिले जिंदा बम फूस से लपेटे गए टीन के डिब्बे में मिले हैं. 

हालाँकि पिछले सप्ताह ही बिहार पुलिस ने राज्य में अपराध कम होने का दावा किया था. अपराध के मामले बिहार अब देश में 25वें स्थान पर है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा वर्ष 2020 में जारी आंकड़ों का हवाला देते राज्य पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, बिहार में अपराध की दर में कमी आई है. खासकर हत्या, रोड लूट, बैंक डकैती, बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है. 

इन आंकड़ों से इतर पिछले कुछ दिनों में पंचायत चुनाव के बाद जिस तरह से बिहार में एक के बाद एक निर्वाचित प्रतिनिधियों को गोली मारी गई है वह पुलिस के दावे को चुनौती दे रहे हैं.  मानो बिहार बारूद के ढेर पर हो और  कहीं दिनदहाड़े हत्या तो कहीं बम और गोलियों की बौछार हो. 

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