वैक्सीनेशन गड़बड़ी मामले पर बोले बिहार के स्वास्थ्य मंत्री, लापरवाही पर विभाग क्षमा नहीं करेगा, होगी सख्त कार्रवाई

वैक्सीनेशन गड़बड़ी मामले पर बोले बिहार के स्वास्थ्य मंत्री, लापरवाही पर विभाग क्षमा नहीं करेगा, होगी सख्त कार्रवाई

पटना. वैक्सीनेशन में गड़बड़ी को लेकर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि अरवल में वैक्सीनेशन की रिपोर्ट में डाटा ऑपरेटर की गलतियों की वजह से खामिया आयी थी. इसको लेकर डाटा ऑपरेटरों को बर्खास्त कर दिया गया है. वहीं मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है. बता दें कि अरवल की वैक्सीनेशन रिपोर्ट में पीएम मोदी,  सोनिया गांधी और अभीनेत्री प्रियंका चौपड़ा सहित कई हस्तियों का नाम शामिल था. इसके बाद बिहार में बवाल खड़ा हो गया. इस पर कार्रवाई की गयी है.

ऑपरेशन थिएटर में बैक्टीरिया होने से मरीजों को आंख गंवानी पड़ी

वहीं मुजफ्फरपुर में आंख ऑपरेशन कांड मामले में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि ऑपरेशन थिएटर में घातक बैक्टीरिया मौजूद होने से यह घटना घटी, जिसमें कई लोगों को आंख गंवानी पड़ी. अभी भी 19 लोग पटना के आईजीआईएमएस में भर्ती है. मंगल पांडेय ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यी टीम गठित की गयी थी, जिसने अपनी जांच रिपोर्ट दे दी है. जांच टीम ने घटना के लिए ऑपरेशन थिएटर में मौजूद बैक्टीरिया को जिम्मेदार माना है. इस मामले में संबंधित नीजि अस्पताल में एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है.

दरअसल, स्वास्थ्य विभाग में कोरोना वैक्सीनेशन के नाम पर ‘घोटाला’ सामने आया है. यह घोटाला सूबे में कोरोना वैक्सीनेशन के महाअभियान में हुआ है. वैक्सीनेशन के महाअभियान में अरवल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ ही कई फिल्म अभिनेत्रियों के नाम पर कोरोना वैक्सीनेशन कर दिया गया है. यह मामला अरवल के कई अस्पतालों से जुड़ा हुआ है. जिले के करपी में किए गए एंटीजन टेस्ट में सैकड़ों लोगों के नाम फर्जी तरीके से डाल दिये गये हैं. इनके नाम और मोबाइल नंबर भी गलत हैं.  डीएम ने यह भी बताया कि दो डाटा एंट्री आपरेटर के अलावा अभी जो भी उनके बड़े अधिकारी हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य प्रबंधक और स्वास्थ्य प्रभारी पर मामले दर्ज कराए जाएंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसके लिए सिविल सर्जन के साथ बैठक कर दोषियों पर कार्रवाई करने एवं उन्हें तत्काल सस्पेंड करने का निर्देश दिया जाएगा.

पड़ोसी देशों में पोलियो मिलना भारत के लिए भी चिंता

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि पड़ोसी देशों में पोलियो वायरस का मौजूद होना भारत के लिए चिंता का विषय है, क्यांकि जब तक विश्व में कहीं भी पोलियो का संक्रमण जारी रहता है, तो भारत में पोलियो वायरस के पुनः आने की संभावना बनी रहती है. इस खतरे की संभवना को ध्यान में रखते हुए राज्य में भारत सरकार के निर्देशानुसार 23 से 27 जनवरी तक पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान को सफल बनाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग आवश्यक तैयारी कर रहा है.

पांडेय ने कहा कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस होने के कारण स्थानीय स्तर पर सुविधानुसार एक दिन अभियान को आगे बढ़ाया जा सकता है. सभी स्तर पर कोरोना से बचाव हेतु जारी निर्देश का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए इस अभियान का संचालन किया जायेगा. अभियान के दौरान शत-प्रतिशत आच्छादन लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश की जायेगी. मालूम हो कि 2020 में पाकिस्तान में जहां 84 मरीज मिले थे, वहीं अफगानिस्तान में 56 मरीज मिले थे. 2021 में पुनः दोनों देशों में एक-एक मरीज मिलने की पुष्टि हुई है. 


 

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