JDU छोटे भाई की भूमिका में आई तो BJP ने विजय सिन्हा को बना दिया स्पीकर पद का उम्मीदवार, बड़े नेता ने घर में ही घेरने की रची थी प्लानिंग

JDU छोटे भाई की भूमिका में आई तो BJP ने विजय सिन्हा को बना दिया स्पीकर पद का उम्मीदवार, बड़े नेता ने घर में ही घेरने की रची थी प्लानिंग

PATNA: बिहार विस स्पीकर पद को लेकर एनडीए और महागठबंधन ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिये हैं। ऐसे में अब बुधवार को वोटिंग के माध्यम से अध्यक्ष का चुनाव होगा। एनडीए की तरफ से जहां भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा उम्मीदवार बनाये गए हैं. वहीं,महागठबंधन ने अवध बिहारी चौधरी को मैदान में उतारा है। विस में संख्या बल के हिसाब से एनडीए की तरफ से दिये गए उम्मीदवार की स्थिति मजबूत है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक नंदकिशोर यादव को दरकिनार कर विजय सिन्हा को स्पीकर बनाये जाने को लेकर अब अलग चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक गलियारे में चर्चा यह शुरू हो गई कि सहयोगी की तरफ से जिस नेता को हराने के लिए पूरी ताकत लगाई गई उसे भाजपा अब विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी दे रही है।


इस बार के चुनाव में विस नहीं पहुंचने देने की थी रणनीति

समय का चक्र परिवर्तित हो गया और लखीसराय से चौथी बार जीते विजय कुमार सिन्हा एनडीए की तरफ से विस स्पीकर के उम्मीदवार बन गए। विधानसभा चुनाव से पहले ही मंत्री रहने के दौरान इनके खिलाफ जमकर नाकेबंदी की गई थी। अंदर ही अंदर ऐसी तैयारी की गई थी कि विजय सिन्हा को इस बार सदन नहीं पहुंचने देना है। चुनाव के दरम्यान भी सहयोगी दल के बड़े नेता की तरफ से घेरने की पूरी कोशिश की गई। लेकिन भाजपा कैंडिडेट विजय कुमार सिन्हा सहयोगिय़ों की तरफ से रचे गए चक्रव्यूह को तोड़ते हुए फिर से विजय पताखा फहरा कर विरोधियों पर बड़ी जीत दर्ज कर ली। 

मंत्री रहते भर में भी घेरने की पूरी कोशिश हुई थी

बता दें, लखीसराय के भाजपा विधायक विजय सिन्हा नीतीश कैबिनेट में श्रम संसाधन मंत्री थे .एक दफे जब दबी जुबान से सहयोगी दल के बड़े और कद्दावर नेता नेता के खिलाफ आवाज उठाई थी तो मंत्री रहते भर में ही उनको घेरने की पूरी कोशिश हुई थी। अगले 3-4 दिनों में ही उनके विभाग के बड़े अफसर का तबादला कर स्पष्ट मैसेज दिया गया था। तब से विजय सिन्हा सब कुछ जानते-समझने के बाद भी चुप रहने में ही अपनी भलाई समझ रहे थे।


अब जेडीयू छोटे भाई की भूमिका में....

अब समय बदला है.....2020 में भाजपा बड़े भाई की भूमिका में आ गई है और नीतीश कुमार छोटे भाई की हैसियत में आ गए। लिहाजा बीजेपी नेतृत्व ने भी बड़ी चाल चल दी है।कल तक जिस नेता के पीछे सहयोगी दल पीछे पड़ी हुई थी... बीजेपी नेतृत्व ने अब उसी नेता को विधानसभा स्पीकर पद का उम्मीदवार बना कर मैसेज साफ-साफ दे दिया है कि समय परिवर्तनशील है।

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