अपराधियों के सहारे भाजपा कर रही नीतीश सरकार को बदनाम ! मांझी की पार्टी ने खोला राज- कैसे कार्तिक को फंसाने के लिए अपराधी राजू का लिया साथ

अपराधियों के सहारे भाजपा कर रही नीतीश सरकार को बदनाम ! मांझी की पार्टी ने खोला राज- कैसे कार्तिक को फंसाने के लिए अपराधी राजू का लिया साथ

पटना. नीतीश सरकार को बदनाम करने के लिए भारतीय जनता पार्टी अपराधियों का सहारा ले रही है. इसी कारण पूर्व मंत्री कार्तिक सिंह को फंसाने के लिए भाजपा नेता जेल में बंद अपराधी का समर्थन कर रहे है. यह कहना है नीतीश सरकार में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) का. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम के प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान ने बुधवार को कहा कि कार्तिक मास्टर मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. कार्तिक सिंह पर पहले अपहरण और बाद में जान का खतरा बताने का आरोप लगाने वाला राजू सिंह खुद जेल में बंद है. उस पर धोखाधड़ी, जालसाजी, बलात्कार जैसे दर्जनों मामले दर्ज हैं. आपराधिक चरित्र वाले राजू सिंह की शिकायत को भाजपा नेताओं द्वारा इतना तूल देना दिखाता है कि नीतीश सरकार को घेरने के लिए भाजपा नेता अपराधियों का सहारा ले रहें हैं. 

उन्होंने कहा कि कार्तिकेय कुमार उर्फ़ मास्टर एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं. उनकी साफ सुथड़ी छवि रही है. लेकिन सिर्फ राजू सिंह जैसे अपराधी की शिकायत को लेकर भाजपा उन्हें निशाना बना रही है. राजू सिंह कई अपराधिक मामले में आरोपी है. भाजपा नेताओं द्वारा जेल में बंद अपराधी राजू सिंह को इतनी अहमियत क्यों दी जा रही है. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.

दरअसल, कार्तिक सिंह जिस राजू के वर्ष 2014 के अपहरण मामले में आरोपी है. वह राजू खुद भी कई मामलों में आरोपी है. राजू की पत्नी दिव्या सिंह भले कह रही हों कि राजू के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है लेकिन राजू के खिलाफ पटना, दिल्ली सहित अन्य जगहों पर कई मामले दर्ज हैं. इसमें एक मामला बलात्कार का है जबकि अधिकांश मामले लाखों-करोड़ों रुपए के धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े हैं. अपराधिक इतिहास रखने वाला राजू सिंह इसी कारण जेल में बंद है. 8 अक्टूबर 2021 पटना की एक अदालत ने राजू से जुड़े एक मामले में उसकी जमानत याचिका यही कहकर ख़ारिज की थी कि राजू संगीन आरोपों में अभियुक्त रहा है.

राजू के खिलाफ कुल 19 मामलों का जिक्र है जिसमें पटना के श्रीकृष्णापुरी थाना में कांड संख्या 188/2011, गौरीचक थाना में कांड संख्या 74/2011, श्रीकृष्णापुरी थाना में कांड संख्या 445/2014, 371/2013 तथा पाटलीपुत्रा थाना में कांड संख्या 256/2019 दर्ज है. राजू सिंह पर दर्ज ये मामले आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 से संबंधित है. इसी तरह राजू सिंह के विरूद्ध परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 एवं आईपीसी की धारा 406, 420 के तीन मामले तथा कालकाजी थाना नई दिल्ली में केस संख्या 405/2013 आईपीसी की धारा 376 के अंतर्गत मामला दर्ज है। दिल्ली में दर्ज आईपीसी की धारा 376 का यह मामला बलात्कार से जुड़ा है. राजू सिंह के खिलाफ उल्लिखित अन्य मामलों में मारपीट, अपहरण, उद्यापन एवं चोरी से संबंधित है.

राजू सिंह पर दर्ज कोतवाली थाना कांड संख्या 380/2016 का मामला तीन करोड़ अठासी लाख पचासी हजार रुपए की धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ा है. न्यायालय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम, पटना ने 8 अक्टूबर 2021 को राजू से जुड़े जमानत मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि राजू पर 19 मामले दर्ज हैं जो अपहरण, धोखाधड़ी, मारपीट, चोरी और बलात्कार जैसे संगीन आरोपों से जुड़ा है. यह दर्शित करता है कि राजू सिंह अभियुक्त पर हर प्रकृति के मामले संस्थित है. कोर्ट ने कोतवाली थाना कांड संख्या 380/2016 में इसी संदर्भ का जिक्र करते हुए राजू की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी.


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