बिहार BJP के दो नेताओं में सिर 'फुटौव्वल', पूर्व मंत्री का सनसनीखेज आरोप- हमारी हत्या करवा सकते हैं 'सांसद'

बिहार BJP के दो नेताओं में सिर 'फुटौव्वल', पूर्व मंत्री का सनसनीखेज आरोप- हमारी हत्या करवा सकते हैं 'सांसद'

PATNA: बिहार में शराबबंदी कानून पर अपने ही लगातार सवाल उठा रहे हैं. भाजपा नेताओं की तरफ से लगातार यह खुलासा किया जा रहा कि पुलिस  शराबबंदी को फेल करने में जुटी है। पुलिस की कार्यशैली का खुलासा करते-करते भाजपा के दो बड़े नेता आपस में ही भिड़ गए हैं. वैसे दोनों नेताओं के बीच सिरफुटौव्वल को पहली बार नहीं बल्कि लगातर होते रही है। दोनों नेताओं की तरफ से खुल्लम-खुल्ला आरोप लगाये जाते रहे हैं लेकिन भाजपा नेतृत्व कोई एक्शन लेने की स्थिति में नहीं। नेतृत्व सबकुछ जानते हुए भी टुकुर-टुकुर देख रही है।

BJP सांसद ने पुलिस की खोली पोल तो पूर्व मंत्री ने MP की...

ताजा मामला औरंगाबाद का है जहां, भाजपा के एक नेता के कथित तौर पर शराब पीने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया तो हाई लेवल ड्रामा हो गया. भाजपा के औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह की अगुवाई में लोगों ने थाने को घेर लिया और घंटों थाना के बाहर धरना पर बैठ गए .दरअसल सड़क जाम करने तथा शराब पीने के आरोप में भाजपा नेता शिव नारायण साहू एवं अन्य की गिरफ्तारी की गई थी .भाजपा सांसद ने कहा कि औरंगाबाद ज़िले के कासमा मण्डल के भाजपा महामंत्री शिव नारायण साव  के साथ पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्ण कार्रवाई की गई एवं साजिश के तहत शराब सेवन का फर्जी रिपोर्ट बनाकर जेल भेजने का कुचक्र किया गया था । इस अमानवीय घटना के विरोध में शनिवार को रफीगंज थाना पर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ धरना दिए। कार्यक्रम में विधान पार्षद राजन कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा के साथ-साथ जिला एवं मंडल के हज़ारों भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए ।

सुशील के खिलाफ रामाधार मैदान में

भाजपा सांसद द्वारा पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बाद बीजेपी के औरंगाबाद से पूर्व विधायक व मंत्री रामाधार सिंह मैदान में उतर गए और अपने ही दल के सांसद सुशील सिंह के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। 

बिना नाम लिये भाजपा सासंद पर बड़ा हमला

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा रफीगंज में धरना का कार्यक्रम  किया गया. धरना का नेतृत्व वैसे नेता के द्वारा किया गया है जो पूरे परिवार-समर्थकों के साथ औरंगाबाद विधानसभा में कांग्रेस उम्मीदवार को जिताने के लिए खुलेआम पैसा बांटे हैं,जो औरंगाबाद की जनता भली-भांति जानती है । धरना का कारण है कि कल मोटरसाइकिल और बोलेरो के विवाद में भाजपा के रफीगंज मंडल के महामंत्री को थाने में बंद कर दिया गया था। सुबह जब मुझे जानकारी प्राप्त हुई तो मैंने एसपी साहब से बात किया, मेरे कहने पर एसपी साहब ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता को थाना से छुड़वा दिया।

सोचने की क्षमता भी खो दिये हैं कांग्रेस के काम करने वाले दलबदलू नेता

भाजपा नेता रामाधार सिंह ने सांसद सुशील सिंह का बिना नाम लिये कहा कि वंशवादी दलबदलू नेता को यह बर्दाश्त नहीं हुआ और सोचने की क्षमता भी खो दिए.पर्दे के पीछे भले ही वो कांग्रेस के लिए पैसा बांटे हों लेकिन सत्ताधारी दल से जुड़े हुए हैं .सत्ताधारी दल के नेता या कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन नहीं करता है । कानूनी रूप से सही काम के लिए प्रशासन को निर्देश देता है, गैर कानूनी काम तो गैरकानूनी है उसके लिए आग्रह और निर्देश दोनों ही विफल होता है।जो नेता जी धरना का नेतृत्व कर रहे थे उनको जलन हो गया कि रात से वह प्रयास कर रहे थे और वे असफल हो गए। हमारे प्रयास से कार्यकर्ता छूट गया तो वे धरना पर उतर आए. जो सिपाही सही काम करेगा उसका कोई बदली नहीं करा सकता है और गैर कानूनी काम करने पर तो डीजीपी भी चले जाएंगे ।

हत्या करवा सकते हैं सांसद

रामाधार सिंह ने अपने फेसबुक पर स्थानीय सांसद के खिलाफ भड़ास निकाली है। उन्होंने आगे लिखा है कि नेताजी अब तो पैसा बांट कर हमको चुनाव हरवा दिए. हम से छुटकारा तभी मिलेगा जब आप हमारी हत्या करवा दीजिएगा, जिसका मुझे पूर्ण जानकारी है कि आप हत्या की साजिश रच रहे हैं । जब तक रामाधार औरंगाबाद जिले में है सही कार्य के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को कोई प्रताड़ित नहीं कर सकता है.यही कारण है कि मेरे कहने पर पुलिस अधीक्षक ने उनको छोड़ दिया ।नेताजी आपको धरना और प्रदर्शन का ही शौक है तो कांग्रेस के लिए पैसा बाटते हैं तो कांग्रेस में चले जाओ । परिवार के एक सदस्य को पहले ही राजद से चुनाव  लड़वा चुके हैं लिहाजा राजद में चले जाओ ।


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