बड़ी खबरः CM नीतीश के 'फरमान' से आगबबूला हैं BJP के विधायक-सांसद, नेतृत्व के सामने फूटा गुस्सा.....

बड़ी खबरः CM नीतीश के 'फरमान' से आगबबूला हैं BJP के विधायक-सांसद, नेतृत्व के सामने फूटा गुस्सा.....

PATNA: बिहार के मुख्यमंत्री के निर्णय से सरकार में सहयोगी बीजेपी के विधायक-सांसद भारी गुस्से में हैं। भाजपा के विधायकों-सांसदों को सरकार का यह निर्णय पच नहीं रहा। पार्टी विधायकों ने नेतृत्व से पूछा है कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों का सबसे उंचा स्थान है लेकिन बिहार में इसका गला क्यों घोटा जा रहा है? एक अदना सा पंचायत सेवक को लॉकडाउन घूमने की आजादी है लेकिन जनता के प्रतिनिधि सांसद-विधायक को मनाही । विधायकों ने नेतृत्व से सवाल किया कि क्या निर्णय लेने से पहले मुख्यमंत्री ने बीजेपी कोटे के दोनों डिप्टी सीएम और मंत्रियों से इस बारे में राय ली थी? पार्टी विधायकों के गुस्से को भांप प्रदेश नेतृत्व ने विधायकों के सवाल को जायज ठहराते हुए कहा कि इसकी जानकारी राष्ट्रीय नेतृत्व को दे दी गई है। हालांकि नेतृत्व ने यह भी कहा कि केवल सात दिनों की बात है,मामले को बढ़ाने की जरूरत नहीं। 

सरकार के फरमान से गुस्से में हैं BJP विधायक

बता दें, बिहार बीजेपी नेतृत्व ने मंगलवार को दल के सभी विधायक-विधानपार्षद-सांसदों की वर्चुअल बैठक बुलाई थी। बैठक में मोदी सरकार के सात साल पर आयोजित कार्यक्रम पर चर्चा किया जाना था। लेकिन उस बैठक में सबसे पहले अपनी ही सरकार की खूब खिचाई की गई। बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस आदेश पर आपत्ति जताई गई जिसमें मंत्रियों को घूमने पर पाबंदी लगाई गई थी. जानकारों ने बताया कि बैठक में कई विधायकों और सांसदों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि बिहार की सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। सरकार का यह निर्णय तानाशाही वाला है। मंत्रियों को घूमने से रोकने के बाद अब डीएम खुल्लमखुल्ला सांसदों-विधायकों को क्षेत्र में जाने से रोक रहे हैं। 

DM विधायक-सांसद को फोन कर मना कर रहे

सूत्रों ने बताया कि भाजपा के कई विधायकों ने वर्चुअल मीटिंग में नेतृत्व से कहा कि यह कैसी सरकार जहां डीएम फोन कर सांसद और विधायक को घऱ से नहीं निकलने को कह रहा है। दरभंगा,बेगूसराय एवं कई अन्य जिलों से जुड़े माननीयों ने नेतृत्व से साफ-साफ कहा कि अब डीएम क्षेत्र में निकलने से मना कर रहे हैं। एक सांसद जो 'मखाना' के लिए जाने जाते हैं उन्होंने भी खुलकर कहा कि डीएम ने उन्हें क्षेत्र में जाने से मना किया है। एक केंद्रीय मंत्री ने भी कहा कि डीएम ने अस्पताल या सामूदायिक रसोई के निरीक्षण नहीं करने का आग्रह किया था। 

विधायकों के गुस्से को शांत कराने की कोशिश

बीजेपी के विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि दल के विधायकों-सांसदों के भारी आक्रोश को भांपते हुए नेतृत्व ने कहा कि सिर्फ सात दिनों की बात है। इस इश्यू को बढ़ाने की जरूरत नहीं। हमने केंद्रीय नेतृत्व को इस बारे में जानकारी दे दी है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी कहा है कि कोरोना गाईडलाइन का पालन करते हुए काम करना है। 

सरकार ने 23 मई को जारी किया था आदेश

बता दें कि बिहार सरकार ने 23 मई को पत्र जारी सभी मंत्रियों को घूमने पर रोक लगा दी है। कैबिनेट सचिवालय ने अपने पत्र में कहा कि ऐसी जानकारी मिल रही कि मंत्री अपने विस क्षेत्र या प्रभार वाले जिलों में घूम रहे हैं। उनके क्षेत्र में जाने से लॉकडाउन का उलंघन हो रहा है। ऐसे में मंत्री बाहर नहीं निकले। अगर जरूरत हो तो वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निरीक्षण या मीटिंग करें। 



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