'जुल्म' के खिलाफ खड़े हुए BJP के 'सम्राट', चौसा जाकर पीड़ित किसानों से की मुलाकात, कहा- ठगबंधन की सरकार अत्याचार पर उतारू

'जुल्म' के खिलाफ खड़े हुए BJP के 'सम्राट', चौसा जाकर पीड़ित किसानों से की मुलाकात, कहा- ठगबंधन की सरकार अत्याचार पर उतारू

PATNA:  जमीन के बदले उचित मुआवजे की मांग को लेकर बक्सर के किसानों पर पुलिसिया जुल्म ढाया गया। बक्सर के चौसा में पुलिसिया अत्याचार देखने को मिली है। नीतीश राज की पुलिस अन्नदाताओं को आतंकी बनाने पर तुली है। रात के घुप्प अंधेरे में सुशासन राज की पुलिस किसानों के घरों में घुसती है, फिर महिलाओं के सामने बेरहमी से पिटाई करती है। रात में ही खींचकर थाने लाती है और तीन किसानों को जेल भेज देती है। बुधवार की सुबह आक्रोशित हजारो किसान सड़कों पर उतर जाते हैं. फिर पावर प्लांट के दफ्तर को आग के हवाले कर देते हैं. पुलिस की गई गाड़ियों में आग लगा दी जाती है। इसके बाद पुलिस की तरफ से गोलियां चलाई जाती है। बुधवार पूरा दिन चौसा जलते रहा लेकिन शासन के मुखिया मुख्यमंत्री को इसकी कोई जानकारी नहीं लगी। इधर, बिहार बीजेपी खुलकर प्रदर्शनकारी पीड़ित किसानों के पक्ष में खड़ी हो गई है। विप में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी किसानों के संघर्ष में मैदान में कूद गए हैं। 

किसानों पर जुल्म कर रही ठगबंधन की सरकार-सम्राट

बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधऱी आज पीड़ित किसानों से मिलने चौसा पहुंचे. वहां जाकर पीड़ित किसानों से मुलाकात की और पुलिसिया अत्याचार की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने किसानों को संबोधित भी किया. सम्राट चौधरी ने कहा, 'बक्सर के चौसा के बनारपुर में सरकार की अकर्मण्यता और पुलिसिया लाठीचार्ज से पीड़ित किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना। भाजपा पीड़ित किसानों के साथ खड़ी है। ठगबंधन सरकार किसानों पर लगातार जुल्म किए जा रही है। 

36 घंटे बाद तक नहीं थी जानकारी 

चौसा में पुलिसिया जुल्म के 36 घंटे बाद जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा गया कि बक्सर में जो घटना घटी है उसके बारे में क्या कहेंगे ? इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर में क्या हुआ है? समाधान यात्रा के क्रम में दरभंगा में रहे नीतीश कुमार ने अपने बगल में मौजूद मंत्री विजय चौधरी से पूछा कि क्या हुआ है ? विजय चौधरी ने घटना के बारे में बताया तो मुख्यमंत्री बोले- ''अरे...वो तो सब कह दिया गया है डीएम को. वो वहां पहुंचकर सब देख रहा है''। 

बता दें, बक्सर के चौसा में निर्माणाधीन एसजेवीएन थर्मल पावर प्लांट के लिए किसानों की अधिग्रहित भूमि पर नए रेट से मुआवजे की मांग को लेकर किसान लंबे समय से आँदोलन कर रहे हैं. मंगलवार को आंदोलनरत्त किसान थर्मल प्लांट के गेट पर तालाबंदी कर दी थी. इसके बाद विवाद बढ़ गया. पुलिस मुख्यालय ने अपनी सफाई में कहा है कि 10 जनवरी को 200-250 की संख्या में आए किसानों ने हंगामा किया. वहां पर प्रतिनियुक्त अंचलाधिकारी के साथ झड़प की और उन पर जानलेवा हमला किया. इस मामले में मुफस्सिल थाने में 10 जनवरी को ही केस दर्ज किया गया था. इस मामले में 24 नामजद तथा 250-300 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस इस कांड के अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी के लिए गई थी. इसके बाद अभियुक्तों के परिजनों द्वारा छापेमारी दल पर हमला किया गया . विवश होकर छापेमारी दल के द्वारा तीन व्यक्ति को थाना लाया गया. सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने और पुलिस पर हमला को लेकर एक और f.i.r. मुफस्सिल थाने में दर्ज की गई। इसमें तीनों को विधिवत गिरफ्तार किया गया.

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