BJP की भविष्यवाणी सही! सरकार में 'फ्रंटफुट' पर खेलने लगे तेजस्वी...एक पखवाड़े में ही पिछड़े CM नीतीश, राजद के आगे जेडीयू पस्त

BJP की भविष्यवाणी सही! सरकार में 'फ्रंटफुट' पर खेलने लगे तेजस्वी...एक पखवाड़े में ही पिछड़े CM नीतीश, राजद के आगे जेडीयू पस्त

PATNA: नीतीश कुमार अब महागठबंधन के मुख्यमंत्री हैं। इस गठबंधन में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की ताकत काफी कम है। सीएम नीतीश के पास सिर्फ 45 विधायक हैं, जबकि बड़े दल राजद के पास 79 विधायक . यानी तेजस्वी यादव की कृपा से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं। महागठबंधन की सरकार में सबसे बड़े दल राजद की बड़ी भूमिका दिखने लगी है. तेजस्वी यादव को नई सरकार में लोग मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहे हैं. खुद डिप्टी सीएम और उनकी पार्टी के नेता भी सत्ताधारी बड़े दल के रूप में दिखा भी रहे। एनडीए में छोटी पार्टी होने के बाद भी जेडीयू बड़ी भूमिका में होती थी. अधिक विधायक होने के बाद भी बीजेपी का सरकार में कोई पकड़ नहीं दिखती थी। कई ऐसे वाकये हुए थे जिसमें भाजपा अपनी ही सरकार से परेशान थी।बताया जाता है कि तब भाजपा नेताओं की नीतीश कुमार के सामने एक नहीं चलती थी। लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। सरकार बनने के पखवाड़े भर में ही जेडीयू पूरी तरह से पिछड़ती हुई दिख रही है। 

सरेंडर मुद्रा में नीतीश कुमार की पार्टी

राजधानी पटना में सोमवार को शिक्षक बहाली को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस-प्रशासन की तरफ से लाठीचार्ज किया गया। बीच सड़क पर एक प्रदर्शनकारी की पटना के एडीएम द्वारा जमकर पिटाई की गई। युवक हाथ में तिरंगा लिये हुए था. इसके बाद भी वो अफसर नहीं माना और लाठी बरसाते रहा। वीडियो सामने आने के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारे में हंगामा मच गया। भाजपा ने सीधे तौर पर नीतीश-तेजस्वी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। नौजवानों में भारी गुस्सा को देखते हुए सत्ताधारी दल राजद के साथ-साथ डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव मैदान में कूद गये। उन्होंने सरकार के मुखिया के तौर पर तुरंत पटना डीएम को फोन किया। तेजस्वी के तल्ख तेवर के बाद पटना डीएम ने आनन-फानन में दो सदस्यीय जांच टीम बिठा दी। 

सरकार की तरफ से तेजस्वी व सत्ताधारी दल की तरफ से राजद मैदान में 

बेरोजगारों के असंतोष को भांपते हुए तेजस्वी यादव ने राजद कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर यह बताने की कोशिश की हम इस मामले को देख रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि हम पूरी तरह से सजग हैं. हमने ही डीएम को फोन किया. पूरे मामले की जांच की जा रही है,अगर जांच में अफसर दोषी मिला तो कार्रवाई होगी। डिप्टी सीएम के साथ-साथ राजद के कई बड़े नेता यह बताने की कोशिश करने लगे हम प्रदर्शनकारियों के साथ हैं. जांच के बाद अधिकारी पर एक्शन होगा। सोशल मीडिया पर राजद नेताओं की तरफ से अभियान चलाया जाने लगा। तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्या भी मैदान में कूद गई और बेरोजगारों के साथ खड़ी हो गई। कुल मिलाकर पूरा राजद कुनबा सरकार की तरफ से फ्रंटफुट पर खेला। वहीं नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के नेता राजद के सामने कहीं टिक नहीं पाये। डैमेज कंट्रोल के इस पूरे प्रकरण में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू कहीं नहीं दिखी। जेडीयू के प्रवक्ताओं ने भी इस मसले पर एक शब्द नहीं बोला और न ही सोशल मीडिया पर किसी तरह की प्रतिक्रिया दी। जेडीयू की तरफ से इस मसले पर मंत्री विजय चौधरी बोले लेकिन सरकारी आदेश को लेकर नहीं बल्कि प्रदर्शन के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। 

तेजस्वी यादव सीएम नहीं बल्कि सुपर सीएम-बीजेपी  

बिहार बीजेपी के नेता पहले ही भविष्यवाणी कर चुके हैं कि महागठबंधन की सरकार में भले ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हों, लेकिन वास्तविक ताकत पर डिप्टी सीएम के पास रहेगी। पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी ने महागठबंधन की सरकार बनने पर कहा था कि नीतीश सीएम होंगे लेकिन सरकार राजद चलाएगी. सम्राट चौधरी ने कहा था कि कल तक बिहार में एक मुख्यमंत्री था, मगर आज पांच सुपर सीएम हैं- तेजस्वी यादव, लालू यादव, मीसा यादव, तेजप्रताप यादव और राबड़ी देवी. इस गठबंधन में कोई मेल नहीं है. राजनीतिक जानकार बताते हैं कि 10 अगस्त को नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद से ही दिखने लगा है। तेजस्वी यादव को बुलेट प्रुफ गाड़ी के साथ-साथ जेड-प्लस सुरक्षा दी गई। पंद्रह अगस्त को गांधी मैदान से सीएम नीतीश ने तेजस्वी यादव को लेकर जो बातें कही, उससे साफ हो जाता है कि तेजस्वी यादव की ताकत बीजेपी कोटे के डिप्टी सीएम वाली नहीं है।

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