नगर निकाय चुनाव को लेकर नीतीश सरकार को BJP की चेतावनी, एक महीने के अंदर अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के साथ नहीं हुआ चुनाव तो ईंट से ईंट बजा देंगे

नगर निकाय चुनाव को लेकर नीतीश सरकार को BJP की चेतावनी, एक महीने के अंदर अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के साथ नहीं हुआ चुनाव तो ईंट से ईंट बजा देंगे

पटना. बिहार में नगर निकाय चुनाव और इस चुनाव में अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर बिहार में सियासत हावी है। अब इसको लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने सीएम नीतीश पर हमला बोला है। उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार नगर निकाय चुनाव को लटकाना चाहती और अति पिछड़ा वर्ग को आरक्षण भी नहीं देना चाहती है। उन्होंने सीएम को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिहार अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के साथ एक महीने के अंदर बिहार में नगर निकाय का चुनाव नहीं हुआ तो बीजेपी सड़कों पर उतरेगी और प्रदर्शन करेगी।

संजय जायसवाल ने बिहार की नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार निगर निकाय चुनाव को लटकाकर रखना चाहती है। ताकि निगर निकाय का फंड शहरी विकास मंत्री को रहे हैं। इस फंड में घपला किया जाए। उन्होंने सीएम नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम ने नगर निकाय में तदर्थ समिति को नहीं बनने दिया। भाजपा तर्दथ समिति बनाने के पक्ष में थी। ताकि निगर निकाय में सरकारी अधिकारियों को अधिकारों को कम कर जनप्रतिनिधियों को दिया, लेकिन सीएम ने ऐसा नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि पहले सीएम नीतीश ने तदर्थ समिति नहीं बनने दिया। अब निगर निकाय चुनाव को लटकाना और अति पिछड़ों की हकमारी करना चाहते हैं। भाजपा ऐसे नहीं होने देंगी।

इस दौरान संजय जासवाल ने राजद सुप्रीमो लालू यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1990 में लालू यादव ने भी मुख्यमंत्री रहते निगर निकाय चुनाव में आरक्षण नहीं दिया था। अब फिर से बिहार में लालू और नीतीश सरकार है। फिर निगर निकाय में अति पिछड़ों को आरक्षण नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा अति पिछड़ों के आरक्षण के पक्ष में है और भाजपा इसके लिए लड़ाई लड़ेगी। इस दौरान सीएम नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि नीतीश आरक्षण के पक्ष में होते तो अभी तक सुप्रीम कोर्ट चले गये होते। उन्होंने कहा कि सिर्फ कहा जा रहा है कि आज सरकार सुप्रीम कोर्ट जा रही है, कल जा रही है। लेकिन ये लोग नहीं जाने वाले हैं।

दरअसल, बिहार में नगर निकाय का चुनाव दो चरणों में 10 और 20 अक्टूबर को निर्धारित थी, लेकिन ईबीसी आरक्षण पर पटना हाईकोर्ट की रोक के बाद बिहार में नगर निकाय का चुनाव टालना पड़ा है। बिहार सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है। हालांकि अभी तक बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की है।


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