अंधविश्वास! सर्पदंश के बाद तांत्रिक से झाड़-फूंक चक्कर में लगा रहा परिवार, इलाज के अभाव में युवती की मौत

अंधविश्वास! सर्पदंश के बाद तांत्रिक से झाड़-फूंक चक्कर में लगा रहा परिवार, इलाज के अभाव में युवती की मौत

NAWADA : सांप के डंसने के बाद अस्पताल जाने की जगह झाड़ फूंक करवाने के अंधविश्वास ने एक किशोरी की जान ले ली। बताया गया कि सांप के डंसने के बाद परिवार के लोग युवती को झाड़ फूंक कराने के लिए भटकते रहे, वहीं इस दौरान उसकी हालत खराब होती गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। अब मौत के बाद परिवार में हड़कंप मच गया है।

घटना सिरदला थाना के चौबे गांव की बतायी जा रही है। यहां रहनेवाले छोनु शुक्ला की पुत्री टुको कुमारी (35 साल) की रविवार सुबह घर में झाड़ू लगा रही थी, इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। परिजनों ने आनन-फानन में उसे गांव के बगल पड़िया गांव में ही किसी तांत्रिक से झाड़-फूंक कराने ले गए। इसी बीच महिला की स्थिति सुधरने के बजाय और ज्यादा बिगड़ने लगी। तब सिरदला बाजार स्थित विशाल सपेरा से भी झाड़ फूक करवाने लगे। रस्सी से बांधे हुये स्थान परिजनों द्वारा शाम के वक्त खोल दिया। जिसके बाद जहर तेजी से पूरे शरीर में फैल गया। युवती की  हालत बिगड़ती देख परिजन ने महिला को शाम के वक्त आनन-फानन में उपचार के लिए सिरदला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस संबंध में सिरदला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित डॉक्टरों ने बताया कि महिला को  सांप ने काट लिया था। बिलंब से अस्पताल पहुंचने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। वहीं गांव के लोगो के प्रयास से सांप को पकड़ कर लिया गयाऔर दूर कही लेजाकर छोड़ दिया गया। इस घटना से माता पिता के साथ ही उनके परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। महिला अपने तीन बच्चों को भी पीछे छोड़ गई।

अंधविश्वास के साथ आर्थिक नुकसान भी

हालांकि गांव में अभी भी लोग तांत्रिक से झाड़-फूंक पर पहले विश्वास करते हैं उसके बाद ही अस्पताल पहुंचते हैं जिसके कारण ही आज इस प्रकार का नजारा देखने को मिला कि एक बच्ची की सांप काटने से मौत हो गई अगर समय रहते हुए परिजन के द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया जाता तो जान बच सकती थी। माना जाता है कि सांप के डंसने के पहले दो घंटे में अगर इलाज मिल जाता है तो मरीज के बचने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी अंधविश्वास के कारण अस्पताल जाने से बचते हैं। बता दें कि सांप के डंसने से होनेवाली मौत पर मुआवजे का भी प्रावधान होता है, लेकिन उसके लिए मरीज को न सिर्फ अस्पताल में भर्ती कराना होता है, बल्कि पोस्टमार्टम भी जरुरी होता है, इसके रिपोर्ट के आधार पर लगभग चार लाख मुआवजे के लिए दावा किया जा सकता है।

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