स्कूल संचालकों के सब्र का टूटा बाँध, कहा अविलम्ब स्कूल नहीं खुला तो सड़क से सदन तक होगा आन्दोलन

स्कूल संचालकों के सब्र का टूटा बाँध, कहा अविलम्ब स्कूल नहीं खुला तो सड़क से सदन तक होगा आन्दोलन

CHHAPRA : सरकारी स्कूलों के शिक्षक शराबियों के मुंह सुंघते चलेंगे और प्राइवेट स्कूल में ताले लटके रहेंगे तो बच्चों का भविष्य कहां जाएगा, यह सोच कर जिले के अभिभावक काफी परेशान हैं। अभिभावकों की परेशानी को लेकर प्रोग्रेसिव प्राइवेट स्कूल ऑर्गेनाइजेशन एंड किड्स वेलफेयर ट्रस्ट की एक बैठक कटहरी बाग में हुई। महात्मा हंसराज मॉडर्न स्कूल के प्रांगण में हुए इस बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार यदि अविलंब स्कूलों को नहीं खुलती है तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए विपक्षी पार्टियों का भी साथ लेना पड़ा तो हम लेंगे और सरकार की ईट से ईट बजा देंगे।   

अध्यक्ष सियाराम सिंह ने दो टूक कहा कि यदि सरकार प्राइवेट स्कूलों की बात नहीं सुनती है और हमारी मांगे नहीं मानती है तो निश्चित तौर पर हम आक्रोश पूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अविलंब कोविड-19 काल का अनुदान उपलब्ध कराएं, ताकि स्कूलों का संचालन फिर से शुरू हो सके। साथ ही जो बेरोजगार शिक्षक है उनको आर्थिक रूप से मदद मिल सके। महासचिव जमाल हैदर ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों को हमेशा के लिए बंद करने का सरकार मूड बना चुकी है, कोविड-19 इसी का एक बहाना है। 

बैठक में संजय कुमार चंद्रवंशी, शमशेर आलम मोहम्मद शमीम अंसारी ,बसरे आजमी, नूर आलम खान दीनदयाल यादव, अंकित राज, सुनील कुमार सिंह, समीर कुमार, संदीप आनंद, सरफराज अहमद, जमाल हैदर, फिरोज इमाम, रशीद खान, अशोक कुमार सिंह समेत 3 दर्जन से अधिक स्कूलों के संचालक और प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में सरकार से प्राइवेट स्कूलों को अविलंब खोलने की मांग की। यदि सरकार स्कूल खोलने का आदेश देती है तो वह धन्यवाद के पात्र होगी। कोविड-19 का पालन करते हुए 50% उपस्थिति के साथ ही स्कूलों को खोलने का आदेश निर्गत करने की मांग की ताकि स्कूलों का संचालन शुरू हो सके।

छपरा से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट 

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