बीजेपी ने दो नामों को तय कर वीआईपी प्रमुख के विधानमंडल जाने के सारे रास्ते किए बंद, जानें अब क्या करेंगे पूर्व मत्स्य मंत्री

 बीजेपी ने दो नामों को तय कर वीआईपी प्रमुख के विधानमंडल जाने के सारे रास्ते किए बंद, जानें अब क्या करेंगे पूर्व मत्स्य मंत्री

PATNA : बिहार में विधान परिषद के लिए सात सीटों के लिए होनेवाले के लिए भाजपा, जदयू और राजद ने अपने उम्मीवारों का चयन कर लिया है।  जो स्थिति बन रही  है, उसके अनुसार इन सभी कैंडिडेट का विधान  परिषद के लिए निर्विरोध निर्वाचन लगभग निश्चित है। ऐसे में वर्तमान में इन सीटों पर एमएलसी निर्वाचित सदस्यों के लिए दूसरा विकल्प लगभग खत्म हो गया है। इन सात चेहरों में सबसे बड़ा नाम वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी  का है। जिनके लिए अब विधानमंडल में फिर से जाने के सारे रास्ते अब लगभग  बंद हो चुके हैं। 

फिलहाल, जो स्थिति है उसमें मुकेश सहनी अब सिर्फ कुछ दिनों तक ही एमएलसी रह सकते हैं। उन्हें न तो राजद, न जदयू और अब भाजपा ने भी फिर से विधान परिषद में भेजने में कोई रूची दिखाई है। आज भाजपा ने अपने कोटे के दोनों सीटों पर कैंडिडेट के नाम लगभग तय कर लिए हैं। जिसमें एक चेहरा अनिल शर्मा और दूसरा चेहरा हरि सहनी का है।  

नहीं मानी सहनी की मांग

एक दिन पहले मुकेश सहनी  ने गृह मंत्री को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने  विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और वीआईपी के बीच हुए समझौते की बात याद दिलाते हुए  लिखा था कि वह अपने वादे को पूरा करे और विप की एक सीट वीआईपी को दे। ताकि वह नोनिया समाज से एक प्रतिनिधि  को सदन में भेजने के अपने वादे को पूरा कर सकें। लेकिन आज जिस तरह से भाजपा ने दो कैंडिडेटों के नाम पर लगभग अपनी सहमति दे दी है, उसके बाद  पार्टी ने सहनी की मांग को कितनी  गंभीरता से लिया है, यह समझा जा सकता है।

अब फिलहाल क्या है विकल्प

विप के सातों  सीटों  पर कैंडिडेट तय कर लिए गए हैं। जो स्थिति है, उसमें इन्हें  किसी प्रकार की चुनौती  नहीं  मिल रही है।  ऐसे में अब फिलहाल,  मुकेश सहनी के लिए सारे रास्ते बंद  हो गए हैं। सहनी के लिए यह बेहतर मौका है कि अपनी पार्टी की मजबूती के लिए प्रदेश में और बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं।


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