चिराग का गठबंधन सिर्फ जनता के साथ... न टूटने वाला हूँ और ना ही झुकने वाला, लोकसभा चुनाव के पहले नीतीश-एनडीए को खूब सुनाया

चिराग का गठबंधन सिर्फ जनता के साथ...  न टूटने वाला हूँ और ना

वैशाली. एनडीए में सीट शेयरिंग के पहले लोजपा रामविलास के प्रमुख चिराग पासवान ने रविवार को जोरदार तरीके से बिहार के सभी सियासी दलों को खूब सुनाया. एक जनसभा में चिराग ने कहा कि  मेरा मकसद सत्ता हासिल करना नहीं है. मुझे सत्ता का मोह नहीं है. लेकिन, बिहार का विकास नहीं हो पाया और समस्या आज भी जस की तस है. बिहारी के अधिकार के लिए अपनी लड़ाई लड़ता हूं. शरीर का एक-एक कतरा इसके लिए तैयार रहेगा. मैं राजनीति में जब से हूं तब से कई सरकारी आई और गई गठबंधन बने और टूटे. लेकिन, बिहार की स्थिति आज भी बेहद खराब है.

उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि चिराग सत्ता के लिए किसी से समझौता नहीं करेगा. चिराग अकेला ही काफी है. चिराग का गठबंधन सिर्फ जनता के साथ है. न टूटने वाला हूँ और ना ही झुकने वाला हूँ. मुझे सत्ता का मोह और लालच नहीं है. चिराग पासवान बिहारियों के समर्पित है. उन्होंने कहा कि षड्यंत्र रचकर उनके परिवार को उनकी पार्टी को तोडा गया. बावजूद इसके वे कमजोर नहीं हुए. उनका घर छीन लिया गया. लेकिन उन्हें जनता का साथ है. ऐसे में उनका गठबंधन सिर्फ बिहार की जनता के साथ है. बिहार की बेहतरी के लिए वे हमेशा काम करते रहेंगे. जन शक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को वैशाली लोकसभा क्षेत्र के साहेबगंज में जन आशीर्वाद महासभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.  

इस बीच उन्होंने वैशाली लोकसभा सीट पर भी दावा ठोका है. चिराग ने कहा कि अगले पांच साल वैशाली में उनकी ही पार्टी से सांसद रहेगा. चिराग ने गठबंधन पर कहा कि उनका तालमेल और अलायंस बिहार की जनता के साथ है. उन्होंने कहा कि वे आज बिहार फर्स्ट और बिहार फर्स्ट के थीम को आगे बढ़ा रहे हैं. इसमें अपार सफलता भी मिली है. नीतीश सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की नीति पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि यह नीति ठीक होती तो बिहार रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करते. लोजपा (रा) ने बिहार को आगे बढ़ाने के लिए काम किया है.

चिराग ने कहा कि पिछले दस साल से मुझे जमुई से चुनाव लड़ने का मौका मिला. यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है. जब मैं पहली बार जमुई गया तो यह सबसे पिछड़े जिलों में से एक था. नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक जमुई की रैंकिंग 99 थी. लेकिन जीतने के बाद मैंने वहां काम किया और आज जमुई 9वें स्थान पर है. चिराग पासवान ने कहा कि बिहार हर साल बर्बादी की ओर बढ़ रहा है, यहां के लोगों की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो रही हैं. यहां जीतने वाली सरकारों ने जनता को क्या दिया? लोग रोजी-रोटी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पलायन करने को मजबूर हैं. बिहार की समस्याएं आज भी वही की वही हैं. उन्होंने कहा कि आज जाति से ऊपर उठकर 14 करोड़ बिहारियों को मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है.