चिदम्बरम चिंता : कांग्रेस जमीनी स्तर पर खत्म हो चुकी है, बिहार में सिर्फ 45 प्रत्याशी ही उतारना चाहिए

चिदम्बरम चिंता : कांग्रेस जमीनी स्तर पर खत्म हो चुकी है, बिहार में सिर्फ 45 प्रत्याशी ही उतारना चाहिए

डेस्क... कांग्रेस का जमीनी स्तर पर वजूद समाप्त हो चुका है। संगठन कहीं नहीं है। यह पुरानी पार्टी बेहद कमजोर पड़ चुकी है। हर स्तर पर आत्ममंथन की जरूरत है। जी हां यह किसी दूसरे नेता का नहीं बल्कि कांग्रेस के शीर्ष नेता पी चिदंबरम का कहना है। चिदंबरम ने एक इंटरव्यू देने के दौरान यह बात कही है चिदंबरम ने कहा है कि राहुल गांधी किसी गैर गांधी को अगुआ चुनने के बारे में प्राथमिकता जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में एआईसीसी किसे अध्यक्ष चुनेगी कहा नहीं जा सकता। बिहार विधानसभा चुनाव के साथ मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के उपचुनाव के नतीजों ने कांग्रेस के हालत के बारे में यह बता दिया है कि जमीनी स्तर पर कांग्रेस कहीं नहीं है।

बिहार चुनाव परिणाम के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा है बिहार चुनाव से यह संदेश मिला है कि गैर भाजपाई गठबंधन भाजपा के गठबंधन के बराबर वोट पा सकते हैं, लेकिन भाजपा के गठबंधन से सीटों के मामले में आगे निकलने के लिए हमें जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन चाहिए। जमीनी स्तर पर पकड़ हो तो छोटी पार्टियां भी जीत सकते हैं। यह भाकपा माले और एआईएमआईएम ने साबित कर दिया।

इसी तरह महागठबंधन की कमजोर कड़ी कांग्रेस को मानने पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कांग्रेस ने बिहार में अपने संगठन की ताकत से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा। कांग्रेस को मिली करीब 25 सीटें हैं ऐसी थी जिन पर 20 साल से भाजपा या उसके सहयोगी जीत रहे थे।

कांग्रेस को इन सीटों पर चुनाव लड़ने से इंकार कर देना चाहिए था। पार्टी को सिर्फ में 40 उम्मीदवार उतारने चाहिए थे। अब केरल तमिलनाडु पांडिचेरी पश्चिम बंगाल और असम सामने है हमें देखना है। वहां क्या नतीजे सामने आते हैं।

बिहार में वोटों की गिनती में धांधली होने के आरोप पर उन्होंने कहा कि मुझे ब्यौरा पता नहीं। दुनिया भर में यह प्रथा है कि जीत का अंतर कम हो तो दोबारा गिनती होती है। चुनाव आयोग 1000 या 2000 से कम अंतर वाली सीटों पर दोबारा गिनती करा लेता तो क्या बिगड़ जाता।

23 नेताओं के द्वारा हाईकमान को चिट्ठी लिखे जाने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने विश्लेषण की जरूरत है और यह पंचायत स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक होना चाहिए। सीडब्ल्यूसी में 24 अगस्त की बैठक में आप मन की बात स्वीकार की थी, जहां तक चिट्ठी की बात है पार्टी में बहस चलती रहती है। कभी-कभी यह सार्वजनिक हो जाती है। इसमें असामान्य कुछ नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा को टक्कर देने के लिए कांग्रेस के अलावा और कोई पार्टी नहीं है। भाजपा कांग्रेस को पता है कि उसे भाजपा से लड़ने के लिए कमर कसनी होगी।

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