चुनाव की तैयारी के लिए समय बहुत कम, तीन दिनों में दिशा-निर्देश तैयार करने का आयोग का निर्देश

चुनाव की तैयारी के लिए समय बहुत कम, तीन दिनों में दिशा-निर्देश तैयार करने का आयोग का निर्देश

DESK: कोरोना काल में चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी मुसीबत है लिहाजा चुनाव आयोग पहले से ही तैयारियों मे जुटा हुआ है. मंगलवार को चुनाव आयोग ने एक महत्वपुर्ण बैठक की जिसमें कई सारे बड़े फैसले लिए गए. साथ ही साथ चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कोरोना संकट के बीच प्रचार, रैली और लोगों के बीच जनप्रतिनिधी कैसे वोट मांगने जाएंगे इन सब पर आज फैसला लिया गया. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने जनसभा का आयोजन इत्यादि के लिए तीन दिनों में विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करने का निर्देश दिया है.

नई दिल्ली में चुनाव आयोग की बैठक में गाइडलाइंस को मंजूरी दे दी है. चुनाव को लेकर राजनीतिक दल बैठक करेंगे लेकिन वहां भी उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के नॉम्स को फॉलो करना पड़ेगा. मालूम हो कि चुनाव ायोग ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव को लेकर सुझाव मांगे थे. चुनाव आयोग ने पहले 31 जूलाई तक फिर बाद में 11 अगस्त तक  सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से कोरोना संकट के बीच चुनाव प्रचार के तरीकों को लेकर सुझाव व सलाह मांगी थे. राज्य के सभी प्रमुख दलों ने अपने अपने सुझाव आयोग को सौंप दिए थे.

सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार को लेकर अलग अलग सुझाव आयोग को सौंपे है. जदयू ने जहां चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के पालन करने पर सहमति जतायी है. वहीं, भाजपा ने सुझाव दिया है कि चुनाव को लेकर आयोग मास्क और सेनेटाइजर की व्यवस्था करें या इस खर्च को पार्टियों के खर्च में शामिल किया जाए. साथ ही, चुनाव खर्च की सीमा बढ़ाने ,डिजिटल चुनाव प्रचार पर जोर दिया है. वहीं, राजद ने अपने सुझाव में कहा कि जन संवाद के बिना लोकतंत्र का कोई मतलब नही है. राजद समर्थकों के पास पर्याप्त मोबाइल नही है, ऐसे में वर्चुअल रैली संभव नही है.

कांग्रेस की चुनाव आयोग से मांग थी कि सभी प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार का समान अवसर मिले. कोरोना सकंट को लेकर थोड़ा समय देते हुए परंपरागत तरीके से ही चुनाव हो. लोजपा ने कहा कि कोरोना संकट के बीच चुनाव नही कराया जाए. 

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