'कवयित्री' से CM को डर ! नीतीश राज में 'अनामिका अंबर' को काव्य पाठ से रोकने पर भूचाल, BJP ने मुख्यमंत्री से पूछे 5 सवाल

'कवयित्री' से CM को डर ! नीतीश राज में 'अनामिका अंबर' को काव्य पाठ से रोकने पर भूचाल, BJP ने मुख्यमंत्री से पूछे 5 सवाल

पटनाः हरिहर स्थित सोनपुर मेले में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में मेरठ की कवयित्री अनामिका अंबर को काव्य पाठ करने से रोक दिया गया। अनामिका अंबर ने बताया कि पुलिस ने उन्हें काव्य पाठ नहीं करने दिया। आरोप है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के समर्थन में कविता पढ़ने के कारण बिहार सरकार ने ऐसा किया है। कवि सौरभ सुमन ने बताया कि अन्य कवियों को प्रशासन ने मंच पर आमंत्रित किया। इस पर आयोजकों ने दुख व्यक्त किया। इसके बाद सभी कवियों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। कवि सम्मेलन में कवयित्री को काव्य पाठ से रोके जाने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल शGरू हो गई है। बीजेपी ने सीधे तौर पर सीएम नीतीश पर हमला बोला है. 

बीजेपी ने नीतीश कुमार पर बोला हमला 

भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ० निखिल आनंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राज्य में 'कल्चरल पुलिसिंग' और 'सांस्कृतिक ठेकेदारी' करने का आरोप लगाया है। निखिल आनंद ने बिहार सरकार द्वारा सोनपुर मेले के दौरान आयोजित कवि सम्मेलन का हवाला देते हुए बताया कि एक महीने पहले देशभर के नामी-गिरामी व लोकप्रिय कवियों को अनुबंधित किया गया था. उन्हें आयोजन के लिए पटना बुलाया गया था। लेकिन सोनपुर मेला स्थित कवि सम्मेलन के आयोजन स्थल पर पहुंचते ही आज आयोजकों ने देश की लोकप्रिय कवयित्री अनामिका जैन अंबर को कविता पाठ करने से यह कहते हुए रोक दिया कि ऊपर से सरकार का आदेश है। अनामिका जैन के समर्थन में सभी आगंतुक कवियों ने कविता पाठ करने से मना कर दिया और बिना कवि सम्मेलन में भाग लिए बैरंग वापस लौट गए।

BJP प्रवक्ता ने कहा की कार्यक्रम स्थगित करना अलग बात है, लेकिन कवियों को बुलाकर नीतीश कुमार जी की कुंठा संतुष्टि के लिए उनको अपमानित कर बेइज्जत किया गया। यही नहीं बिहार सरकार द्वारा 'अतिथि देवो भव' के संस्कार और संस्कृति को भी नीतीश कुमार की आत्म संतुष्टि के लिए तिलांजलि दे दी।

बीजेपी ने दागे पांच सवाल 

1) "एक महिला कवयित्री से सीएम नीतीश को क्या डर है?",

(2) "अनामिका जैन अंबर के कविता पाठ करने पर नीतीश कुमार को क्या आपत्ति है?"

(3) "क्या नीतीश कुमार जी बिहार में कल्चरल पुलिसिंग या सांस्कृतिक ठेकेदारी व्यवस्था लागू करना चाहते हैं?"

(4) सोनपुर मेले के इस कवि सम्मेलन में कवियों को बुलाने से लेकर आयोजन तक सरकार कुल कितने पैसे बर्बाद हुए क्योंकि यह कार्यक्रम हो नहीं सका?"

(5) क्या नीतीश कुमार जी सभी आगंतुक कवियों के अपमान और बेइज्जती के लिए पत्र लिखकर व्यक्तिगत तौर पर माफी मांगेंगे।

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