सीएम नीतीश ने की स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा, जीएमडी से पीड़ित 75 बच्चों को दी 6-6 लाख रूपये की सहायता राशि

सीएम नीतीश ने की स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा, जीएमडी से पीड़ित 75 बच्चों को दी 6-6 लाख रूपये की सहायता राशि

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हुई। समीक्षा बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत मुख्यमंत्री ने माऊस क्लिक कर जेनेटिक मस्कुलर डिस्ट्रॉफी की बीमारी से ग्रसित 75 बच्चों के खाते में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर के माध्यम से राशि का अंतरण किया। इसके माध्यम से प्रति लाभार्थी को 6 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की गई।


इसके पश्चात् समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग के अद्यतन कार्यों एवं उपलब्धियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राज्य में कोविड 19 का स्टेटस अपडेट, डेंगू का स्टेटस अपडेट और शिशु मृत्यु दर में आई गिरावट की स्थिति की जानकारी दी। जिला अस्पतालों में जीविका दीदियों द्वारा की जा रही भोजन की व्यवस्था, अस्पतालों में मानव संसाधन, आधारभूत संरचना, मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की अद्यतन स्थिति तथा विभाग की आगे की कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 सितंबर 2022 को नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के द्वारा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हेल्थ केयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री एवं पब्लिक हेल्थ केयर फैसिलिटी रजिस्ट्री वर्ग में बिहार को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई कार्य किए गए हैं। अस्पताल में इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए मुफ्त दवा का इंतजाम किया गया है। सभी का बेहतर तरीके से इलाज हो सके, लोग स्वस्थ रहें इसके लिए हमलोग पूरी तरह प्रयासरत हैं। पी०एम०सी०एच० को राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा बेड वाले अस्पताल के रूप में निर्मित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप इसका निर्माण कार्य भी तेजी से कराएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था रखें। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। सतरंगी चादरों को भी हमेशा साफ रखना सुनिश्चत करें। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में साफ-सफाई की जिनकी भी जिम्मेवारी है, अगर वे अपने काम को बेहतर ढंग से नहीं करते हैं तो उन पर कार्रवाई करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक अस्पताल बनवाए जा रहे हैं ताकि इलाज कराने में किसी को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सभी अस्पतालों के भवनों का मेंटेनेंस ठीक ढंग से हो,इसका ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा कार्य से जुड़े हुए लोग बेहतर चिकित्सा के लिए कार्य करें और चिकित्सा सुविधाओं की पूरी व्यवस्था रखें। बैठक में उप मुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, स्वास्थ्य विभाग के सचिव के० सेंथिल कुमार मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार, अपर सचिव स्वास्थ्य विभाग, कौशल किशोर, बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक अंशुल अग्रवाल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

Find Us on Facebook

Trending News