CM नीतीश के बाहुबली विधायक बने बंधकः बंदूक से उड़ा देने की बात करने वाले जेडीयू MLA पहुंचे थे जमीन कब्जा करने...

CM नीतीश के बाहुबली विधायक बने बंधकः बंदूक से उड़ा देने की बात करने वाले जेडीयू MLA पहुंचे थे जमीन कब्जा करने...

पटनाः जमीन कब्जा करने पहुंचे जेडीयू विधायक गोपाल मंडल जो अभी हाल ही में लंबी-लंबी बातें कर रहे थे उन्हें ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। करीब घंटे तक सत्ताधारी दल के विधायक बंधक बने रहे। इस दौरान जेडीयू विधायक और ग्रामीणों में खूब कहासुनी हुई।बाद में पुलिस ने किसी तरह से बंधक बने विधायक को छुड़ाया।

CM नीतीश के बाहुबली विधायक बने बंधक

बता दें कि भागलपुर के गोपालपुर से जेडीयू विधायक गोपाल मंडल बांका के बौंसी बाजार गये थे। वे अपने समर्थकों के साथ वहां पर एक जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे। वे जैसे ही वहां पहुंचे इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने विधायक जी को घेर लिया। इस दौरान वहां खूब हंगामा हुआ। अपने को बंधक बने देख विधायक ने तत्काल पुलिस को फोन किया। इसके बाद वहां पुलिस पहुंची तब जाकर जेडीयू विधायक रिहा हुए। 

माफी मांगने के बाद हुए आजाद

जानकारी के अनुसार बौसी थाना क्षेत्र के श्याम बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पास के जमीन को अपने कब्जे में करने के लिए हरवे हथियार से लैस जदयू के गोपालपुर विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ़ गोपाल मंडल ने आज खूब हंगामा किया ।वे चार वाहनों से एक दर्जन हथियार और दर्जनों लाठी लेकर पहुंचे थे।  विधायक और उनके गुर्गों ने नंदकिशोर साह का कॉलर पकड़कर घसीटना शुरू किया और अपने वाहन पर बिठाने का प्रयास किया। जिस पर नंदकिशोर साह के साथ आए कुमोद यादवऔर जितेंद्र यादव ने विरोध करना शुरू किया। मामले में नंदकिशोर साह ने भी बताया कि विधायक और उनके गुर्गों के द्वारा उनके साथ बदतमीजी की गई है।घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो गई और लोगों ने करीब 1 घंटे तक विधायक और उनके गुर्गे को बंधक बनाए रखा ।घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष राजकिशोर सिंह के निर्देश पर एस आई केदार पासवान पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। जिसके बाद विधायक ने स्थानीय लोगों से माफी भी मांगी ।तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ ।

जानिए पूरा मामला

 घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय अनिरुद्ध यादव और बरमसिया गांव निवासी जदयू के उमेश यादव घटनास्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद मामले को शांत कराया गया। बताया गया कि वहां की करीब 20 एकड़ जमीन को विधायक के द्वारा खुद का जमीन बताया जा रहा था। बताया कि उक्त जमीन उसने शंभू राय सहित अन्य भाइयों से खरीदी है। दूसरी और दूसरे पक्ष के लोगों ने कहा कि करीब 50 सालों से उक्त जमीन पर स्थानीय लोगों का कब्जा है। जिस पर वह लोग मकान बनाकर रह रहे हैं। दूसरी ओर विधायक का कहना था कि उक्त जमीन उसने भी खरीदी है ।अब सवाल यह उठता है कि एक जमीन 2 -2 लोगों को किस आधार पर बेची गई और कैसे इसका कागजात तैयार हो पाया। घटना के बाद विधायक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि 24 मार्च को इस मामले में बैठकर हम लोग आपस में फैसला करेंगे। साथ ही बताया कि जमीन के कागजात लेकर पहुंचेंगे। 

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