नियुक्ति पत्र बांटने पर घिरे CM नीतीश! बीजेपी का चौतरफा हमला...नेता प्रतिपक्ष बोले- नीतीश कुमार नौकरी के नाम पर 'घोटाले' का कर रहे सृजन

नियुक्ति पत्र बांटने पर घिरे CM नीतीश! बीजेपी का चौतरफा हमला...नेता प्रतिपक्ष बोले- नीतीश कुमार नौकरी के नाम पर 'घोटाले' का कर रहे सृजन

पटना. सीएम नीतीश ने आज 10 हजार 459 पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र दिया है। इस पर बीजेपी ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने नियुक्ति पत्र पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जो लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे और काम कर रहे हैं, उन्हें नियुक्ति नहीं प्रतिनियुक्ति पत्र दिया जा सकता है, लेकिन सरकार फरेब कर नियुक्ति पत्र का ढोल पीट रही है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के नाम पर नीतीश घोटाले का सृजन और श्री गणेश कर रहे हैं।

बिहार प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा नेता विजय सिन्हा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवादी विचारधारा की पार्टी है और यह पार्टी कभी सत्ता के लिए समाज में झूठ और फरेब की गंदी खेती नहीं करती है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश जी जिस प्रकार सत्ता की जुगत में आज झूठ और फरेब का मार्ग अख्तियार किये हैं। वह बहुत ही दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हम देख रहें है कि आज नौजवानों को लगातार नियुक्ति पत्र बांटने का झूठा खेल खेला जा रहा है, जो बेरोजगार युवाओं के भावनाओं के साथ केवल एक भद्दा मजाक भर है, जिसे हम लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

भाजपा नेता ने सवालिया लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री जी क्या यह बताएंगे कि आज जो नियुक्ति पत्र बांटने का खेल खेल रहें हैं क्या इस पद का सृजन वर्तमान के महागठबंधन सरकार की देन है? क्या परीक्षा और साक्षात्कार इसी सरकार में घोषित हुआ है? मुख्यमंत्री जी आज जो नियुक्ति पत्र बांट रहें हैं, आप इससे बेरोजगार मेधावी नौजवानों को क्या संदेश देना चाहते है? ये सारी नियुक्ति की प्रक्रिया एवं पद सृजन पूर्व में ही हुआ है। आप नयी नौकरी नई बहाली दिखाकर लोगों को भ्रमित एवं बरगला रहे हैं। पीछले तीन महीनों में जो भी नियुक्ति पत्र दिये गये हैं, वे सब भाजपा के साथ वाली सरकार के कार्यकाल का है।

उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के चयनित सिपाही अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांट रहे हैं। वह विज्ञापन संख्या-05/2020 माह नवंबर 2020 का है, जिसकी शारीरिक दक्षता परीक्षा 24.02.2022 से 08.04.2022 तक हुई है। जब ये बहाली प्रकिया एनडीए सरकार में पूर्ण हो गई है तो महागठबंधन वाली सरकार अपना झूठा पीठ क्यों थपथपा रही है? यहां तक कि यह सभी अभ्यर्थी अपना योगदान देकर ड्यूटी भी कर रहें हैं।

इसी कड़ी में विज्ञापन संख्या- 03 / 2020 के माध्यम से पुलिस अवर निरीक्षक एवं प्रारक्ष अवर निरीक्षक (परिचारी) का प्रारंभिक मुख्य एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण के उपरांत 14.07.2022 को परिणाम भी प्रकाशित कर दिया गया था। ये भी भाजपा के साथ वाली सरकार के कार्यकाल का ही है। विजय सिन्हा ने इन सभी नौकरियों के बहाली प्रकरण की श्वेत पत्र जारी कर बिहार की जनता को बताने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कई नियुक्ति पत्र तो पूर्व में नियुक्त एवं पदस्थापित लोगों को बुलाकर दिया गया है। जैसे राजस्व कर्मचारियों की बहाली एवं पदस्थापन में जुलाई 2022 में एनडीए के कार्यकाल में हो जाने के बाद उनके पदस्थापन स्थल से बुलाकर नियुक्ति पत्र दिया गया। इसी तरह कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से चयनित जल संसाधन विभाग में लगभग 1000 नियुक्ति पत्र बांटा इस पद सृजन का विज्ञापन संख्या-06060114/2014 में हुआ था एवं 2016 में इसी भर्ती के लिए पुनः आवेदन लिया गया। दिसंबर 2018 में प्रारंभिक परीक्षा लिया गया, जिसका परीक्षाफल फरवरी 2020 में प्रकाशित हुआ और 2021 में मुख्य परीक्षा हुआ एवं जून 2022 में परीक्षाफल प्रकाशित हुआ। यह भी एनडीए की सरकार में हुआ। आज आप उन युवाओं का नियुक्ति पत्र बांट रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी चालक बने चालाक नहीं कभी-कभी ज्यादा चालाकी करने पर बड़ी दुर्घटना होने की आशंका रहती है, जिसमें चालक के साथ अन्य लोगों को भी जान गवानी पड़ती है। आपका यह कारनामा कहीं बिहार में किसी नियुक्ति घोटाल को जन्म ना दे दे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी विगत 17 वर्षों से इस बिहार प्रदेश की अगुवाई कर रहे हैं, सभी विभाग आपके नियंत्रण में था आपकी जवाबदेही थी कि ससमय पद सृजन हो और उसका रिजल्ट ससमय प्रकाशित कर नौजवानों को लाभान्वित करे। उन्होंने कहा कि विगत 5 वर्षों की बहाली को रोककर आज नियुक्ति पत्र बांटते हुए शर्म करने की बजाय अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। इससे आपकी विश्वसनीयता बढ़ने की बजाय घट रही है। आम जनों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच यह हास्यास्पद स्थिति बन रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी नौजवानों को रोजगार के प्रति आपकी सरकार थोड़ी भी सजग है तो पीछले 4 नवंबर से इसी पटना की गर्दनीबाग में हजारों की संख्या में नौजवान शिक्षक बहाली को लेकर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन पर है। क्या आपकी सरकार उन नौजवानों के प्रति जवाबदेह नहीं है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी नई सरकार में आपने कितने नये पद का सृजन करते हुए बहाली किया? उन्होंने सीएम से कहा कि आप जो नियुक्ति पत्र बांटने की सिलसिला लगाए हुए हैं, ये केवल और केवल पिछले सरकार की ही उपलब्धि है। आज जो आप अपने युवराज को गद्दी दिलाने के लिए धृतराष्ट्र की भूमिका में नियुक्ति पत्र बांटने का झूठा खेल खेल रहे हैं। यह बेरोजगार नौजवानों के साथ भद्दा मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने  संविदा कर्मियों एवं नियोजित शिक्षकों के स्थायीकरण के लिए मुंह नहीं खोलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी आप नियुक्ति पत्र बांटने का झूठा गीत गाकर बिहार की जनता को क्यों भटका रहे हैं।

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