CM नीतीश शाम 7 बजे करेंगे हाईलेवल मीटिंग, कोरोना पर 'बुधवार' को लेंगे अंतिम फैसला

CM नीतीश शाम 7 बजे करेंगे हाईलेवल मीटिंग, कोरोना पर 'बुधवार' को लेंगे अंतिम फैसला

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज समाज सुधार अभियान के तहत औरंगाबाद में हैं। वे मगध क्षेत्र के पांच जिलों की जीविका दीदी को संबोधित किया। औरंगाबाद पुलिस लाइन कैम्पस से दहेज प्रथा एवं बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के उन्मूलन एवं नशा मुक्ति को लेकर सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी पर सवाल खड़े करने वाले सब लोग विद्वान हैं तो समझना न चाहिए कि दारू पीने से कितने प्रकार की बीमारी होती है। WHO की रिपोर्ट विद्वान लोगों को पढ़ना न चाहिए। सिर्फ छोटी-छोटी बातों को बड़ा कर छापेंगे ? 

झारखंड सरकार पर भी बरसे सीएम नीतीश 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमेन जब बिहार में शराबबंदी लागू की। इसके बाद झारखंड की महिलाओं ने मांग की शराबबंदी लागू हो। लेकिन वो लोग तो लागू करता नहीं है। औरंगाबाद से बगल में झारखंड है। इसलिए सीमा पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है ताकी गड़बड़ करने वाले लोग सफल न हों। 

लॉकडाउन-नाइट कर्फ्यू पर कल होगा अंतिम निर्णय

मुख्यमंत्री ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर कहा कि एक हफ्ते से कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। अन्य जगहों पर संख्या बढ़ रही है। लेकिन पटना में सबसे ज्यादा संख्या हो गई है। उसके बाद गया में मरीज मिले हैं। इसलिए सबको सजग रखना है। हम कल जनता के दरबार में थे। हम क्या बतायें  जनता दरबार के बाहर भी कोरोना जांच की जाती है। लेकिन जब जांच की गई तो क्या बतायें....188 लोग कुल आये थे जिसमें 8 लोग पॉजिटिव निकल गये। खाना खिलाने वाले में से पांच लोग पॉजिटिव निकल गये। सुरक्षा के काम में लगे लोगों में 8-10 लोग पॉजिटिव निकल गये। आज हम यहां से लौट कर पटना जा रहे हैं। शाम सात बजे सारे जगहों से रिपोर्ट लेकर आगे बातचीत करेंगे और कल अँतिम रूप से निर्णय लेंगे। 


मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय के साथ विकास करना हमारी प्राथमिकता रही है। जब से आपलोगों ने हमें काम करने का मौका दिया तब से विकास के काम कर रहे हैं। पहले क्या स्थिति थी। हमलोग पहले क्षेत्र में जाते थे तो शाम होते-होते सभी लोग घरों में बंद हो जाते थे। सड़के सुनसान हो जाती थीं। इन सब को देखते हुए हमने हर क्षेत्र में काम किया। सबके लिए हमने काम किया। जो किनारे पड़े हुए थे उनके लिए ज्यादा काम किया। पहले महिलाओं की क्या स्थिति थी,किसी से छुपी हुई है? महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सबसे पहले पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए पचास फीसदी आरक्षण दिया। वहीं अति पिछड़ों व एससी-एसटी को बी जनसंख्या के हिसाब से आरक्षण दिया। नगर निकाय के चुनाव में भी महिलाओं को पचास फीसदी आरक्षण दिया। इसका रिजल्ट सामने है। महिलायें कितनी आगे बढ़ीं? 

सीएम नीतीश ने कहा कि हम अच्छा काम करते हैं तो कुछ लोगों को बुरा लगता है। जब हमने लड़कियों को आगे बढ़ाने के लिए साईकिल योजना चलाई तो कुछ लोगों को बुरा लगा। वे लोग हमारे निर्णय को गलत ठहराने लगे। हमने सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया। आज पच्चीस हजार से ज्याद महिलायें पुलिस में हैं। पहले स्वयं सहायता समूह बिहार में न के बराबर था। हमने विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता बनाया। लक्ष्य था कि 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनायेंगे लेकिन अब तो ज्यादा हो गया है। हमारी योजना को केंद्र ने अपनाया और आजीविका की शुरूआत की। ये सब बिहार में ही हुआ जिसे दूसरे राज्यों ने अपनाया।

औरंगाबाद से दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट

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