मेडिकल माफियाओं के आतंक से CM नीतीश चिंतित, अपने प्रधान सचिव बुलाकर कहा- फरियादी का बड़ा खास बात है...इसे देखिए

मेडिकल माफियाओं के आतंक से CM नीतीश चिंतित, अपने प्रधान सचिव बुलाकर कहा- फरियादी का बड़ा खास बात है...इसे देखिए

PATNA:  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता दरबार में मधुबनी के बेनीपट्टी के मेडिकल माफियाओं की शिकायत की गई। फरिय़ादी ने सीएम नीतीश से कहा कि हमारा छोटा भाई अवैध नर्सिंग होम बंद कराने को लेकर प्रयास रत्त था. हमारे भाई के कंप्लेन के बाद अवैध नर्सिंग होम बंद हुई। इसके बाद मेडिकल माफियाओं ने मिलकर हमारे भाई का अपहरण कर हत्या कर दी। हत्या के बाद सिविल सर्वजन और मेडिकल प्रभारी की मिलीभगत से सारे अवैध नर्सिंग होम फिर से खुल गए। सीएम नीतीश ने फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुनी। इसके बाद अपने प्रधान सचिव दीपक कुमार को बुलाया। 

अवैध नर्सिंग होम बंद कराने वाले युवक की हुई थी हत्या

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेनीपट्टी में संचालित अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ मुहिम चलाने में जान गंवाने वाले के भाई की फरियादी की शिकायत को गंभीरता से देखा। इसके बाद अपने प्रधान सचिव दीपक कुमार को बुलाया और कहा बड़ा खास बात है. इसको पहले आप देखिए फिर इस पर आगे की कार्रवाई हो।  

सीएम ने मुख्य सचिव से कहा-इस बात का ध्यान रखिए 

कटिहार से आए फरियादी ने कहा कि स्कूल में शिक्षक नहीं आ रहे. बायोमैट्रिक सिस्टम लगना चाहिए. शिकायत सुन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को फोन लगाया. फोन पर कहा कि कटिहार से यह युवक आया है। कह रहा कि आदर्श मध्य विद्यालय में टीचर लापरवाही बरत रहे हैं. बच्चों को पढ़ा नहीं रहे और 12:30 छुट्टी दे रहे हैं.  यह क्यों हो रहा है... पहले हम बोले थे कि शिक्षा विभाग को देखना है कि पढ़ाता है कि नहीं पढ़ाता है. इस बात का ध्यान रखिए .


सीएम ने शिक्षा मंत्री को लगाया फोन

इसके बाद नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन लगाया और कहा... यह देखिए नौजवान कटिहार से आया है.यह बता रहा है कि आदर्श मध्य विद्यालय में टीचर पढ़ा नहीं रहे. 12:30 बजे छुट्टी दे दे रहे हैं. इसको तुरंत देखिए ना, एक्शन होना चाहिए, बार-बार हम आपलोगों को कह रहे कि नहीं पढ़ाने वालों पर एक्शन लें. देखना ना होगा क्या हो रहा है. हमने मीटिंग में कई बार कहा है. इस पर एक्शन होना चाहिए. लास्ट में सीएम नीतीश ने शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर को फोन लगाया और कहा.... अरे हम बगल में भेज देते हैं तो उसको देखते रहिए. आप ही को ना देखना है, उसको देखते रहिए.

मुख्यमंत्री के नाम का एक फरियादी नीतीश कुमार से शिकायत करने पहुंचा। फरियादी ने कहा कि हमारे पिता रसोइया के पद पर कार्यरत्त थे। कटिहार से आये शख्स का आवेदन देख नीतीश कुमार बोले- तुम्हारा भी नाम नीतीश कुमार है. हा हा हा हा.... बड़ा अच्छा. इसके बाद मुख्यमंत्री बोले नाम में थोड़ा बदले हो, न दीर्घाकार की जगह हर्षआकार रखे हो। इसके बाद नीतीश कुमार ने कहा कि शिक्षा वाले अपर मुख्य सचिव को फोन लगाओ. फोन लगाकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेगूसराय से एक लड़का आया है.यह मेरे नाम का लड़का है. इसके पिता जो सरकारी स्कूल में रसोईया थे, उनका निधन हो गया.इसको कोई सरकारी सहायता नहीं मिली है, इसको देख लीजिए और करवाइए। 

एक फरियादी ने सीएम नीतीश से कहा कि हम टेंट वाले हैं. कोरोना काल में हमने प्रखंड में काम किया लेकिन बीडीओ ने आज तक भुगतान नहीं किया। हम परेशान गए हैं. शिकायत सुन सीएम नीतीश ने अपने प्रधान सचिव दीपक कुमार की तरफ देखा। दीपक कुमार मोबाइल पर बात कर रहे थे। इसके बाद सीएम नीतीश ने कहा कि मोबाइलवा के अलावे कभी-कभी हमारे तरफ भी देख लिया कीजिए। इस पर सीएम के प्रधान सचिव ने कहा कि डीएम से बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके मामले को देखिए। 

पश्चिम चंपारण से आये एक युवक ने कहा कि हमारे परिजन की कोरोना से सरकारी अस्पताल में मौत हुई। आज तक मुआवजा नहीं मिला। शिकायत सुन सीएम नीतीश ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को फोन लगाया। प्रत्यय अमृत फोन पर उपलब्ध नहीं हो सके। इसके बाद नीतीश कुमार ने विभाग के सचिव को अपने पास बुलाया और कहा कि देखिए. आज तक मुआवजा नहीं मिला। इधर सीएम नीतीश के ओएसडी ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रत्यय अमृत की तबीयत खराब है. नीतीश कुमार ने कहा कि यह अलग बात है लेकिन अभी तक सहायता राशि क्यों नहीं मिली. यह मामला तो स्वास्थ्य का ही है. आपदा विभाग तो राशि देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे देखिए। 

एक फरियादी ने सीएम नीतीश से कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर लोन लिया। लेकिन लोन का बहुत ज्यादा पैसा लिया जा रहा है। इस पर सीएम नीतीश ने वित्त विभाग के मंत्री विजय चौधरी को फोन लगाया और कहा कि इस मामले को देखिए। वहीं एक फरियादी ने सीएम नीतीश से कहा कि हमारी बेटी 2014 में इंटर पास की लेकिन आज तक रिजल्ट नहीं मिला। हम दौड़ते दौड़ते थक गए। पैसा भी दिए इसके बाद भी नहीं मिला। हमने लोक शिकायत में भी कंप्लेन किया। इसके बाद सीएम नीतीश ने लोक शिकायत के बिहार इंचार्ज को खोजा. जब प्रतिमा. एस. नहीं दिखीं तो नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें रहना चाहिए था, उनके विभाग किसी दूसरे को भी यहां होना चाहिए था, क्यों नहीं है....। 

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