वाह रे गरीबों की सरकार! पहले CNG सस्ता का प्रलोभन दिखा गाड़ियां खरीदवाई, फिर धीरे-धीरे CNG में 30 रू कर दी वृद्धि, ठगा महसूस कर रहे लोग

वाह रे गरीबों की सरकार! पहले CNG सस्ता का प्रलोभन दिखा गाड़ियां खरीदवाई, फिर धीरे-धीरे CNG में 30 रू कर दी वृद्धि, ठगा महसूस कर रहे लोग

PATNA: केंद्र की मोदी सरकार अपने आप को गरीबों की सरकार बताते नहीं थकती. इसी गरीब की सरकार में गरीब ऑटो चालक पिस रहे हैं। डीजल-पेट्रोल के मुकाबले सीएनजी के मूल्य काफी कम होने के बाद बेरोजगारों ने बैंकों से कर्ज लेकर सीएनजी ऑटो खरीदा। लेकिन सरकार ने पिछले तीन-चार महीने के अंदर सीएनजी के रेट में भी तीस रू की वृद्धि कर दी। गरीबों की सरकार में गरीब ही मोदी सरकार से अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। 

बिहार की राजधानी पटना में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस महंगी हो गई है। गैस कंपनी ने पटना में सीएनजी की कीमत में 4.32 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। इस वृद्धि के बाद राजधानी में सीएनजी की नई कीमत 93.10 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। यह पहले 88.78 रुपये थी। बताया जाता है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की वजह से सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी हुई है। बीते दो महीने में सीएनजी के दाम 8.64 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुके हैं। लगातार मूल्य वृद्धि से सीएनजी पर वाहन चलाने वाले लोगों में भारी आक्रोश है। बता दें, पटना में बीते 7 जून को सीएनजी की कीमत 84.46 रुपये प्रति किलोग्राम थी। 16 जुलाई को इसके दाम में बढ़ोतरी हुई। इसके बाद सीएनजी के भाव 88.78 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए। गेल के पटना प्रभारी अजय कुमार सिन्हा का कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच जंग के कारण पैदा हुए संकट से सीएनजी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

30 रुपये तक बढ़े दाम

बता दें, जनवरी 2022 से अगस्त 2022 के बीच पटना में सीएनजी की कीमतों में लगभग 30 रुपये का इजाफा हो चुका है। गैस की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से सीएनजी गाड़ियों की परिचालन लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ रहा है। पटना में 13 हजार से ज्यादा ऑटो रिक्शा सीएनजी से चलते हैं। मूल्य वृद्धि से सबसे अधिक परेशान सीएनजी ऑटो चालक हैं। सीएनजी गाड़ी खरीदने में पहले लाखों रू खर्च किये। सीएनजी लेने में हर दिन घंटों कतार में लगना पड़ता है। उल्टे अब सस्ता सीएनजी पेट्रोल-डीजल का दाम छूते जा रहा है। 



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