बिहार में महागठबंधन से निकल गयी कांग्रेस? संपूर्ण क्रांति दिवस पर महागठबंधन के सम्मेलन में कांग्रेस नेता नहीं हुए शामिल

बिहार में महागठबंधन से निकल गयी कांग्रेस? संपूर्ण क्रांति दिवस पर महागठबंधन के सम्मेलन में कांग्रेस नेता नहीं हुए शामिल

पटना. संपूर्ण क्रांति दिवस के अवसर महागठबंधन के सम्मेलन में विपक्षी एकजुटता में दरारें दिखीं। दरअसल 5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस पर महागठबंधन की पार्टियों को नीतीश सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी करना था। इसको लेकर राजद कांग्रेस और लेफ्ट की पार्टी का साझा कार्यक्रम होना था, लेकिन इस कार्यक्रम में कांग्रेस के नेता शामिल नहीं हुए। इसमें राजद और सीपीआई व सीपीएम के नेता ही कार्यक्रम में भाग लिये। मिली जानकारी के अनुसार इसको लेकर कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण नहीं दिया गया। वहीं राजद के नेताओं का कहना है कि आमंत्रण देने के बाद भी कांग्रेस के नेता शामिल नहीं हुए।

कांग्रेस-राजद में टकराव

ऐसे में बिहार में राजद और कांग्रेस के बीच अब सब कुछ खत्म हो गया है? दरअसल दोनों पार्टियों के बीच पहली बार टकराव बिहार में पिछले साल दो सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव के दौरान देखा गया था। यह दो सीट दरभंगा की कुशेश्वरस्थान और मुंगेर की तारपुर की थी। यहां जदयू विधायक के अकास्मिक निधन के चलते उपचुनाव हुआ था। इसमें कांग्रेस चाहती थी कि एक सीट उसे मिल जाए, जबकि राजद ने दोनों ही सीट पर अपने प्रत्याशी खड़े कर दिये। इसके बाद कांग्रेस ने भी दोनों सीट पर अपने प्रत्याशी उतार दिये। नतीजा निकला कि दोनों सीट पर जदयू की जीत हुआ और कांग्रेस और राजद के बीच दूरियां बढ़ गयी।

इस चुनाव के कुछ महीने बाद बिहार में स्थानीय प्राधिकार कोटे से 24 सीटों पर एमएलसी का चुनाव हुआ। इसमें भी दोनों पार्टी की सहमति नहीं बनी। इसमें दोनों ही पार्टी अगल-अलग चुनाव लड़ी। इसमें कांग्रेस का कहना था कि उन्हें कम से कम पांच से छह सीटें मिलनी चाहिए, लेकिन राजद इतने सीट देने को तैयारी नहीं थी। राजद, कांग्रेस को सिर्फ दो सीट ही देना चाहती थी और एक सीट लेफ्ट को देना चाहती थी। इस पर दोनों पार्टियों में तकरार नया रूप ले लिया। इसके बाद कांग्रेस कभी भी राजद के साथ चुनाव नहीं लड़ी। हाल में ही मुजफ्फरपुर के बोचहां सीट पर भी कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी उतार दिये। हलांकि इस चुनाव में राजद को सफलता हाथ लग गयी और उनके प्रत्याशी अमर पासवान चुनाव जीत गये।

महागठबंधन सम्मेलन में कांग्रेस नहीं हुआ शामिल

इसके बावजदू कांग्रेस महागठबंधी की मीटिंग का हिस्सा बनी थी। यह मीटिंग जातयी जनगणना को लेकर हुई थी। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में जातयी जनगणना को लेकर बिहार के सियासी पार्टियों की सर्वदलीय बैठक थी। इस बैठक से पहले राजद ने महागठबंधन की मीटिंग बुलाई थी। इसमें कांग्रेस शामिल हुई थी। इसके बाद यह कयास लगाए जाने लगा था कि महागठबंधन में सिर्फ उथल-पुथल हुआ है, अभी यह बिखरा नहीं है। लेकिन संपूर्ण क्रांति दिवस पर महागठबंधन के कार्यक्रम में कांग्रेस के नेताओं का शामिल नहीं होना, एक नयी अटकल पैदा कर दिया। ऐसे में कांग्रेस महागठबंधन से अब अगल हो गयी है?

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