सियासी गहमागहमी के बीच कांग्रेस विधायकों की पूर्णिया में बैठक, पार्टी की अपने 19 विधायकों पर है नजर

सियासी गहमागहमी के बीच कांग्रेस विधायकों की पूर्णिया में बैठ

बिहार में सियासी ड्रामा का पटाक्षेप कुछ हीं घंटों में होने की उम्मीद है. वहीं सियासी गहमागहमी के बीच पूर्णिया में कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई गई है. छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल आज यानी रविवार को  कांग्रेस विधायकों के साथ मीटिंग करेंगे. कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर विचार विमर्श किया जाएगा.  वहीं कयास हैं कि कांग्रेस के कई विधायक नीतीश के संपर्क में हैं. 

 कांग्रेस विधायकों के पाला बदलने के कयासों के बीच  पूर्णिया की बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  इस बैठक में कांग्रेस के कुल 19 विधायकों में से  कितने एमएलए  शामिल होते हैं, इसपर राजनीतिक समीक्षकों की पैनी नजर है.  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश पर पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भूपेश बघेल को बिहार में भारत जोड़ो न्याय यात्रा और पार्टी की अन्य गतिविधियों को लेकर को-ऑर्डिनेटर बनाया है. 

पूर्णिया में होने वाली बैठक में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के अलावा बिहार के बदले राजनीतिक हालात पर भी चर्चा की जाएगी. कांग्रेस के बिहार विधानसभा में 19 एमएलए हैं और सियासी हलकों में कयास है कि कांग्रेस के कई विधायक मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार के संपर्क में हैं. तो  वहीं जदयू कोटे के मंत्री अशोक चौधरी जदयू से पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं उनका भी कांग्रेस के विधायकों से अच्छा संबंध हैं. अशोक चौधरी नीतीश कुमार के बेहद नजदीकी हैं.  तो यह देखना सबसे जरुरी है कि पूर्मिया में होने वाली कांग्रेस के विधायकों की बैठक में कितने एमएलए शामिल होते हैं. 

कांग्रेस की बैठक को लेकर प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह और राज्यसभा सांसद रंजीता रंजन का कहना है कि पूर्णिया के रणभूमि मैदान में 30 जनवरी को राहुल गांधी की विशाल जनसभा संभावित है.इस कारण सभी कांग्रेस एमएलए की बैठक  पूर्णिया में बुलाई गई है. उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को पूर्णिया पहुंचने का निर्देश दे दिया गया है.

वहीं कांग्रेस पार्टी को कठघरे में खड़ा करते हुए शनिवार को जदयू महासचिव और  प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि कांग्रेस के रवैये से इंडी गठबंधन टूट के कगार पर है.उन्होंने कहा कि जिस मेहनत और इरादों से नीतीश कुमार ने इसे संगठित किया था वो कांग्रेस पार्टी के अड़ियल और गैर-ज़िम्मेदाराना रवैये से तार-तार हो गया है. बिहार में तीन प्रमुख दल राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी की मुख्य भूमिका है. तो कांग्रेस में टूट के कयासों के बीच बीच पूर्णिया में कांग्रेस विधायकों की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे एनडीए और इंडी गठबंधन के आंकड़ों का पता तो चल हीं जाएगा.