कोरोना के चलते पति ने नई नवेली पत्नी से बना ली दूरी तो 'वाइफ' पहुंच गई कोर्ट, फिर देना पड़ा मर्दानगी का प्रमाण....

कोरोना के चलते पति ने नई नवेली पत्नी से बना ली दूरी तो 'वाइफ' पहुंच गई कोर्ट, फिर देना पड़ा मर्दानगी का प्रमाण....

DESK:  कोरोना संक्रमण की वजह से पति ने पत्नी से बना ली दूरी। इसके बाद पत्नी पहुंच गई कोर्ट तो पति को देना पड़ा मर्दानगी का प्रमाण पत्र। भोपाल में लॉ ट्रिब्यूनल के सामने एक ऐसा मामला पहुंचा जिसमें पति को कोरोना के डर की वजह से पत्नी से सोशल डिस्टेंसिंग बनाना महंगा पड़ गया। नई-नवेली पत्नी रूठकर मायके चली गई। फिर कुछ समय बाद प्राधिकरण में भरण-पोषण का आवेदन दिया। 

जब काउंसलिंग की गई तो पता चला कि कोरोना के डर से पति ने पत्नी के साथ दायित्वों को नहीं निभाया। इससे नाराज पत्नी ने आरोप लगा दिया कि उसका पति दाम्पत्य संबंध निभाने लायक ही नहीं यानि पुरूषत्व नहीं है। पत्नी को मनाने के लिए पति को मेडिकल टेस्ट करा पुरुषत्व का प्रमाण देना पड़ा। मामले में समझौता होने के बाद महिला पति के साथ ससुराल चली गई। 

बता दें, दोनों की शादी 29 जून 2020 को हुई थी। प्राधिकरण में महिला ने 2 दिसंबर को आवेदन दिया था। उसने आरोप लगाए थे कि ससुराल वाले उसे परेशान करते हैं। उसकी शादी को 5 महीने ही हुए हैं। पत्नी ने बताया कि पति फोन पर तो अच्छी बातें करते थे, लेकिन पास नहीं आते थे। इसको लेकर दोनों के बीच विवाद होना शुरू हो गया। महिला का कहना था कि जिससे उसने जीवनभर का रिश्ता जोड़ा, वही दूरी बना रहा था। उसने यह बात अपने परिजन को बताई। मायके वालों ने पति से बात करना चाही, लेकिन उसने सही तरीके से उत्तर नहीं दिया। ससुराल वालों की प्रताड़ना और पति की बेरुखी को देखते हुए वह मायके आ गई और दो महीने यहीं रही। महिला का कहना है कि उसका पूरा जीवन पड़ा है, लिहाजा भरण-पोषण का खर्चा दिया जाए।

और पति फिट निकला...

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राधिकरण ने पति का मेडिकल कराने की सलाह ही। पति ने प्राधिकरण के सामने मेडिकल रिपोर्ट रखी, जिसमें वह फिट था। मेडिकल रिपोर्ट को देखने के बाद पाया कि महिला ने पति पर झूठा आरोप लगाया था। महिला और उसके परिजन की काउंसलिंग की गई। उसके बाद महिला अपने पति के साथ ससुराल जाने को तैयार हो गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संदीप शर्मा ने बताया कि महिला ने पति पर झूठे आरोप लगाए थे कि वह दांम्पत्य संबंध निभाने योग्य नहीं है।काउंसलिंग के दौरान खुलासा हुआ कि पति को कोरोना फोबिया था, जिसकी वजह से वह पत्नी से भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहा था।

कोरोना के डर से नहीं जाता था पत्नी के पास
काउंसलिंग के दौरान पति ने खुलासा किया कि शादी के बाद ही पत्नी के परिवार वाले पॉजिटिव हो गए। उसको लगता था कि हार्ड इम्युनिटी की वजह से उसे या पत्नी में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दिए। उसका मानना था कि जब आसपास वाले पॉजिटिव थे, तो हो सकता है कि उसे और पत्नी को भी कोरोना हो। इसकी वजह से वह पत्नी के साथ संबंधों को निभाने से झिझकता था।


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