तीन संतान होने पर भी लड़ सकते हैं पार्षद का चुनाव, हाईकोर्ट ने निरस्त किया निर्वाचन आयोग का आदेश

तीन संतान होने पर भी लड़ सकते हैं पार्षद का चुनाव, हाईकोर्ट ने निरस्त किया निर्वाचन आयोग का आदेश

PATNA : बिहार में पंचायत चुनाव या नगर निकाय चुनाव में पार्षद पद के लिए उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। हाईकोर्ट ने उस आदेश को निरस्त कर दिया है। जिसमें बिहार निर्वाचन आयोग ने यह कहा था तीन व तीन से अधिक संतान वाले लोग चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। पटना हाईकोर्ट ने आयोग के आदेश को निरस्त करते हुए पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

नौबतपुर के उम्मीदवारों ने डाली थी याचिका

गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने वार्ड 14 नौबतपुर नगर पंचायत अध्यक्ष सरयुग मोची, वार्ड 2 के पार्षद विजय पासवान तथा वार्ड-6 की वार्ड पार्षद पूनम देवी को तीन बच्चा रहने पर अयोग्य करार दिया था। पार्षदों का कहना था कि कानून लागू होने के पूर्व से ही उन्हें तीन बच्चे थे। उनकी ओर से विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र सहित कई दस्तावेज पेश कर बताया गया कि कानून लागू होने के पूर्व वे तीन बच्चे के माता-पिता थे। जिसके बाद कोर्ट ने पार्षदों की ओर से पेश दलील एवं दस्तावेज को सही करार देते हुए आयोग के आदेश को निरस्त कर दिया।

यह है नियम

बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के मुताबिक अगर किसी नागरिक को 4 अप्रैल, 2008 के बाद तीसरा, चौथा या इससे अधिक संतानें हुई हैं, तो वह नगरपालिका निर्वाचन में अभ्यर्थी नहीं हो सकता है. चुनाव लड़ने के लिए उन्हें अधिकतम दो संतान ही होने चाहिए. अगर एक ही बार में जुड़वां या इससे ज्यादा संतान होने से संतानों की संख्या बढ़ी है, तो यह नियम उन पर लागू नहीं होगा.



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