अपराध नियंत्रण की कवायद : कल से होगी नयी पुलिसिंग की शुरुआत

अपराध नियंत्रण की कवायद : कल से होगी नयी पुलिसिंग की शुरुआत

 PATNA : अपराध नियंत्रण के आज सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार खुद सड़क पर उतरे. उन्होंने बोरिंग रोड पर पाटलिपुत्र इलाके में सघन जांच और गश्ती की. इस मौके पर उन्होंने पाटलिपुत्र थाने में अनियमितता के आरोप में मुंशी को निलंबित कर दिया. उनके साथ पटना की वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक और पुलिस के दूसरे अधिकारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद थे. अपराध और अपराधियों की धड़-पकड़ के लिए उन्होंने नयी पुलिसिंग की व्यवस्था की है. इसके तहत अब कई नए फैसले किये हैं. पुलिसिंग की नयी व्यवस्था कल यानि 26 जून से शुरू हो जाएगी. डीआईजी राजेश कुमार ने इसकी सूचना पुलिस के सभी अधिकारियों को दे दी हैं. नयी व्यवस्था के अनुसार 

एसीटी का होगा गठन

अब सभी थानाध्यक्ष, डीएसपी, सिटी एसपी, रूरल एसपी और एसएसपी को खुद का एंटी क्राइम टीम बनानी होगी. प्रत्येक टीम में एक पदाधिकारी, पांच कमांडो, एक जीप या दो बाइक शामिल होगी. जिससे कभी भी छापेमारी कर अपराधियों को पकड़ा जा सकेगा. ये टीम हमेशा अपने अधिकारी के साथ रहेगा. 

6 सेक्टर में बंटेगा थाना 

अब हर थाना को छह सेक्टर में बांटा जायेगा. हर सेक्टर में अवर निरीक्षक स्तर के अधिकारी की तैनाती की जाएगी. उनके साथ दो सिपाही भी मौजूद रहेंगे. इस सेक्टर अधिकारी को उस इलाके में होनेवाले अपराध के लिए जिम्मेवार माना जायेगा. उनपर निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकेगी. इस अधिकारी पर ही अपराधियों के धड-पकड़, कुर्की जप्ती, वारंटी की धड-पकड़ की जिम्मेवारी होगी. वे हमेशा अपने क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाएंगे. उन्हें अपने इलाके को अपराध मुक्त रखने की जिम्मेवारी होगी. 

रोज बनेगा हाजिरी 

नयी पुलिसिंग के तहत अब थाना में तैनात पदाधिकारी और सिपाही को रोज नौ बजे हाजिरी बनानी होगी. एसएचओ खुद इनकी हाजिरी लेंगे. वही थाना क्षेत्र के प्रत्येक संवेदनशील स्थानों पर 6 घंटे में 6 स्थानों पर वाहनों की चेकिंग की जाएगी. कम से कम 50 वाहनों की चेकिंग अनिवार्य है. चेक किये वाहनों की गाड़ी संख्या और चालक का मोबाइल नंबर थानाध्यक्ष को उपलब्ध कराना होगा. 

पॉकेट सर्च कांसेप्ट की शुरुआत 

कल से फिर पॉकेट सर्च कांसेप्ट की शरुआत की जाएगी. इसके लिए 10 पॉकेट प्रोन पॉकेट्स का गठन कर लिया जायेगा. इसमें सर्च और सीजर की कार्रवाई की जाएगी. प्रत्येक टीम में दो पदाधिकारी और दस सिपाही मौजूद होंगे. इस पॉकेट में कोई शॉप, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या फिर ऐसी जगह हो सकता है. जहाँ अपराधी जुटते हो. एक पॉकेट में 15 मिनट सर्च करने के टीम आगे बढ़ जाएगी. दसों टीम रोज 50 पॉकेट का सर्च करेगी. 

पटना से कुंदन की रिपोर्ट     

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