पटना में ओपी तिवारी के ऑफिस-फ्लैट में दिल्ली पुलिस की छापेमारी, BCA अध्यक्ष को यौन शोषण केस में फंसाने की रची थी साजिश

पटना में ओपी तिवारी के ऑफिस-फ्लैट में दिल्ली पुलिस की छापेमारी, BCA अध्यक्ष को यौन शोषण केस में फंसाने की रची थी साजिश

पटना. बीसीए अध्यक्ष रकेश तिवारी को झूठे यौन शोषण मामले में फंसाने वाले ओमप्रकाश तिवारी के पटना स्थित आवास और कार्यालय पर दिल्ली पुलिस की 4 सदस्यीय इन्वेस्टिगेशन टीम पहुंची। यहां लगभग 6 से 7 घंटे तक दिल्ली पुलिस की टीम ने ओपी तिवारी के पटना स्थित कदमकुआं थाना क्षेत्र के लोहा गोदाम स्थित दीप लीला अपार्टमेंट आवास और कार्यालय में पूछताछ की। इस दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में यौन शोषण का एक झूठा मामला दर्ज हुआ था, जिसकी जांच में आरोप गलत पाया गया है, जिसकी इन्वेस्टिगेशन करने दिल्ली पुलिस पटना आई है।

बताते चले कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी के ऊपर दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में ओपी तिवारी के द्वारा मामला दर्ज करवाया गया था। झूठे यौन शोषण का मामला दर्ज करवाने की साजिश करने वाले ओमप्रकाश तिवारी के कदमकुंआ स्थित कार्यालय और आवास पर दिल्ली पुलिस की टीम ने दविश दी है। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में कांड संख्या 27/22 में दर्ज है।

जानकारी के अनुसार स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी खोलकर खिलाड़ियों को बीसीसीआई के मैचों में खेलने के नाम पर चित्रा बोरा और आशुतोष बोरा तीन राज्यों के खिलाड़ियों को अपने जाल में फंसा कर फर्जीवारे का काम कई वर्षों से कर रहे थे। वहीं इन दोनों के संबंध ओम प्रकाश तिवारी से है। 3 सितंबर 2021 को गुरुग्राम के एक पांच सितारा होटल में जब हरियाणा पुलिस के ईओडब्ल्यू विंग के छापेमारी में ओमप्रकाश तिवारी इन लोगों के साथ पकड़े गए थे। यहां से पीआर बांड भरवा कर थाने से ओ पी तिवारी को छोड़ दिया गया था। इस छापेमारी के दौरान कई खिलाड़ियों के कागजात और मादक पदार्थ भी जब्त की गई थी। इस मामले में भाई-बहन चित्र बोरा और आशुतोष बोरा को जेल भेजा गया है।

दरअसल, जेल से छूटने के बाद ओमप्रकाश तिवारी के साथ मिलकर बीसी अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी पर दबाव बनाने और बदनाम करने के लिए पार्लियामेंट थाने में यौन शोषण का एक मामला चित्र बोरा के द्वारा दर्ज करवाया गया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की तहकीकात की, जिसमे आरोप झूठे साबित हुए। फिलहाल दिल्ली पुलिस के चार सदस्य टीम ने घंटो पूछताछ की है।


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