अधुरे घर के बावजूद आवास योजना की तीनों किस्तों का हो गया भुगतान, सोशल ऑडिट टीम ने किया खुलासा

अधुरे घर के बावजूद आवास योजना की तीनों किस्तों का हो गया भुगतान, सोशल ऑडिट टीम ने किया खुलासा

KISHANGANJ : देश में गरीबों को घर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमन्त्री आवास योजना शुरू की गयी है। लेकिन यह योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। जिले में हुए सोशल ऑडिट टीम में इसका खुलासा हुआ है। दरअसल दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र के करुवामनी में सोशल ऑडिट टीम के द्वारा आज ग्राम सभा सह जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें लोगो को सरकार द्वारा जन कल्याणकारी योजना का जानकारी दिया गया की सरकार की योजना से कैसे लाभन्वित हो सकते है। इसी कार्यक्रम में आवास योजना में सोशल ऑडिट की टीम ने अनियमितता का खुलासा किया है। 

ग्राम सभा में बताया गया की लाभुक मैमुना खातून, वाहिद आलम, जेगुन निशा, मोहम्मद हासिम पिता शमसूल हक को आवास योजना के तहत तीनों किस्तो का भुगतान हो गया है। लेकिन ऑडिट के दौरान इस लाभुकों का  घर अपूर्ण पाया गया है। जिसमें छत का निर्माण नहीं किया गया है। जबकि आवास सॉफ्टवेयर में कहीं दूसरे के छत वाला घर में आवास सहायक द्वारा गलत तरीके से जियो टैगिंग कर तीसरी क़िस्त की राशि का भुगतान किया गया। 

जबकि इस सब मामलों को लेकर ग्रामीण आवास सहायक सतेन्द्र कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सेंट्रिंग पर हमने जियो टैगिंग कर राशि का भुगतान किए है। हो सकता है कि बाद में लाभुक द्वारा सेंट्रिंग खोल लिया गया हो। हालांकि गलत तरीके से जिओ टैगिंग की मामला को लेकर टीम लीडर साजिद हुसैन ने ग्रामीण आवास सहायक को ग्राम सभा मे फटकार लगाई। इस दौरान जिला संसाधन सेवी अब्दुल देयान, पंचायत रोजगार सेवक अमजद अली, पंचायत के मुखिया अब्दुल मजीद, ग्रामीण आवास सहायक सतेन्द्र कुमार के साथ सामाजिक आंकेक्षण कर रहे सामाजिक आंकेक्षण संसाधन सेवी   सगुफ्ता अस्मत, जानकी देवी, चांदा देवी सुनीता मुर्मू के साथ अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

किशनगंज से साजिद हुसैन की रिपोर्ट 

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