एनडीए में फिर से मतभेद : उर्दू स्कूलों में रविवार के बदले शुक्रवार की छुट्टी के समर्थन में उतरी जदयू और हम, भाजपा की आपत्ति

एनडीए में फिर से मतभेद : उर्दू स्कूलों में रविवार के बदले शुक्रवार की छुट्टी के समर्थन में उतरी जदयू और हम, भाजपा की आपत्ति

पटना. बिहार में कई उर्दू स्कूलों में रविवार के बदले शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी रहने पर बिहार एनडीए के घटक दल एक दूसरे से भिड़ गए हैं. इस मुद्दे पर सबकी राय बंटी हुई है. भाजपा जहां उर्दू स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी रहने पर आपत्ति जता रही है वहीं जदयू की ओर से उपेंद्र कुशवाहा ने इसे गलत नहीं कहा है. अब जदयू को इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम का भी साथ मिल गया है. हम प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान ने शुक्रवार को कहा कि उर्दू स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी हो रही है तो किसी और के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? उन्होंने शुक्रवार की छुट्टी का समर्थन करते हुए विरोधियों को इस पर राजनीति न करने और एजेंडा न चलाने की बात कही है. 

रिजवान ने शुक्रवार की छुट्टी का समर्थन करते हुए कहा, उर्दू स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी हो रही है तो किसी और के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? क्या उर्दू स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने इसकी शिकायत की है? उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की इस व्यवस्था पर कोई सवाल क्यों नहीं उठाता है. वहां भी शुक्रवार को सारे शिक्षण संस्थान बंद रहते हैं. 

उन्होंने कहा कि, बिहार में नीतीश कुमार की सरकार में न्याय के साथ विकास हो रहा है. सरकार का मुख्य एजेंडा बच्चों को पढ़ाना है. बच्चे अगर शुक्रवार को विद्यालय नहीं आ रहे हैं तो हमारा मकसद उन्हें पढ़ाना होना चाहिए. न कि बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं और स्कूल खुला रहे. बच्चे शुक्रवार को नहीं आ रहे हैं इसलिए उस दिन छुट्टी दी गई और उसके बदले रविवार को पढ़ाया जाता है. यानी बच्चों को 6 दिन स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है. बिहार में इस परिपाटी पर ही उर्दू स्कूलों में पढ़ाई होते रहेगी न कि किसी के एजेंडा बनाने से यह बदल जाएगा. दरअसल इस मुद्दे पर भाजपा आपत्ति जता रही है. ऐसे में रिजवान ने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए शुक्रवार की छुट्टी को बच्चों की पढाई के मकसद से सही ठहराया. 


बिहार के सिमांचल यानी किशनगंज जैसे जैसे सीमाई जिलों के सैंकड़ों स्कूलों में रविवार के बदले शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी रहती है. इसे लेकर पिछले कुछ दिनों से भाजपा के तेवर तल्ख हैं. कई अन्य लोगों ने भी इसे नियम के विरुद्ध बताया है. यहां तक कि शिक्षा मंत्री से भी इस पर सवाल किया गया है. अब इस मुद्दे पर जीतन राम मांझी की पार्टी ने अपनी राय स्पष्ट कर विरोधियों को एजेंडा न चलाने का सुझाव दे दिया है. 

कुछ दिन पहले ही इस मुद्दे पर भाजपा नेता और बिहार के पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार सिंह ‘बबलू’ ने इस मामले को लेकर कहा- “देखिए हम समझते हैं कि यह सही नही है. अगर पूरे देश में संडे को छुट्टी होती है तो संडे को ही होना चाहिए. अब धर्म के नाम पर…कभी हमलोग हिंदू धर्म के नाम पर कि मंगलवार को छुट्टी दे दो, गुरुवार को हमारी पूजा होती है छुट्टी दे दो…ये सही नहीं है.


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