कुढ़नी उपचुनाव में सीधे PM मोदी को चुनौती, जगदानंद बोले- 'देश में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ हो रहा चुनाव, जनता एकजुट हो'

कुढ़नी उपचुनाव में सीधे PM मोदी को चुनौती, जगदानंद बोले- 'देश में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ हो रहा चुनाव, जनता एकजुट हो'

पटना. राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पार्टी दफ्तर पहुंचने के बाद आज महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक समाप्त होने के बाद जगदानंद सिंह ने मीडिया से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुढ़नी विधानसभा का उपचुनाव कोई छोटा चुनाव नहीं है। यह देश में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ चुनाव है। हम महागठबंधन के नेता कुढ़नी में लोगों के पास जाएंगे और अपनी बात रखेंगे। इस दौरान जगदानंद सिंह ने कहा कि कुढ़नी विधानसभा के उपचुनाव में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती है। भाजपा और आरएसएस देश में नफरत की राजनीति कर रहे हैं। इसके खिलाफ हम सामाजवादी उनसे वैचारिक लड़ाई लड़ेंगे। इस दौरान महागबंधन के कई नेता भी मौजूद रहे। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, लेफ्ट पार्टी और हम पार्टी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

बैठक में कुढ़नी उपचुनाव की तैयारी पर समीक्षा की गई और चुनाव में महागठबंधन उम्मीदवार की जीत को सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि भ्रांति और भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की आवश्यकता है। साथ ही सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के प्रति महागठबंधन का जो संकल्प है, उसे लोगों के बीच मजबूती के साथ रखने का संयुक्त रूप से आह्वान किया गया। देश और राज्य में महंगाई से निजात के लिए और लोकतंत्र को बचाने तथा विकास की गति को तेज करने के लिए लोगों से महागठबंधन की जीत सुनिश्चित करने की अपील की गई।

लंबे अरसे बाद मंगलवार को राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पटना में राजद कार्यालय पहुंचे। बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव खुद उन्हें लेकर पार्टी कार्यालय आये। इस दौरान राजद कार्यालय पर भारी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। जगदानंद सिंह पिछले दो महीने से नाराज चल रहे थे और पार्टी कार्यालय नहीं आ रहे थे। बताया जा रहा है कि बेटे सुधाकर सिंह के नीतीश सरकार में मंत्री पद से इस्तीफे के बाद जगदानंद सिंह नाराज हो गये थे। उन्होंने भारी मन से मीडिया के सामने घोषणा की थी कि सुधाकर सिंह अब नीतीश कैबिनेट का हिस्सा नहीं है। हाल के दिनों में सुधाकर सिंह अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत कर रहे थे। वे बिहार में कृषि नीतियों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे थे। इससे खुद तेजस्वी भी असहज हो गये थे। जदयू और राजद के बीच गठबंधन पर सुधाकर सिंह के बगावत का कोई असर पड़ता, उससे पहले ही सुधाकर सिंह को नीतीश सरकार से हटा दिया गया था।

सुधाकर सिंह के इस्तीफे के बाद जगदानंद सिंह राजद कार्यालय आना छोड़ दिये थे। उस दौरान उन्होंने दिल्ली में राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिये थे। तब यह कयास लगाया जा रहा था कि जगदानंद सिंह इस बार आरपार के मूड में है। हालांकि इलाज के लिए राजद सुप्रीमो लालू यादव के सिंगापुर दौरे से पहले ही जगदानंद सिंह को मना लिया गया। लालू ने पिछले सप्ताह जगदानंद सिंह को दिल्ली बुलाया था। उस दौरान तेजस्वी और राजद के वरिष्ट नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी भी दिल्ली पहुंचे थे। इस बीच लालू, तेजस्वी और जगदानंद सिंह के बीच दिल्ली में करीब ढेड घंटे तक बैठक हुई। बैठक में लालू ने जगदानंद को मनाया। एक दिन बाद ही लालू ने नये राजद प्रदेश अध्यक्षों की सूची जारी कर दी। इसमें बिहार प्रदेश अध्यक्ष पद पर जगदानंद सिंह का नाम बरकरार रखा गया था।

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