पटना के दुल्हिनबाजार अंचलाधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा, अवैध पशु मेला के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना पड़ा महंगा

पटना के दुल्हिनबाजार अंचलाधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा, अवैध पशु मेला के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना पड़ा महंगा

पटना. अवैध रूप से संचालित पशु मेले और उससे हो रहे राजस्व नुकसान को लेकर लोक शिकायत निवारण में शिकायत करने के बाद भी न तो सुनवाई करने और ना ही लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी पालीगंज द्वारा सुनवाई के लिए निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होने के मामले में पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल के दुल्हिनबाजार के लोक प्राधिकार अंचलाधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. 

पालीगंज अनुमंडल के दुल्हिनबाजार के ऐनखां गाँव में पशु मेले के अवैध संचालन और राजस्व वसूली के नहीं होने के सम्बंध में पीयूषपाल धारी सिंह ने लोक शिकायत निवारण में शिकायत की थी. शिकायत में कहा गया कि उक्त मेले की बंदोबस्ती और नवीकरण नहीं होने के बाद भी अवैध वसूली की जा रही है इसलिए लोक प्राधिकार या तो  राजस्व वसूली करे अथवा मेला का संचालन बंद कराए. दरअसल इसी मामले में नवंबर 2018 में भी लोक प्राधिकार द्वारा मेला संचालक को राजस्व वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया था. 

लोक शिकायत वाद की प्रथम सुनवाई अगस्त 2021 में निर्धारित की गई और बाद में छह अन्य तिथियाँ सुनवाई के लिए निर्धारित की गई. बावजूद इसके लोक प्राधिकार अंचलाधिकारी, दुल्हिनबाजार उक्त तिथियों पर उपस्थित नहीं हुए. इसी के तहत अब लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी पालीगंज ने इसे लोक प्राधिकार अंचलाधिकारी, दुल्हिनबाजार की संवेदनहीनता माना है. लोक प्राधिकार की उदासीनता के कारण उक्त परिवाद 60 दिनों की नियत समय सीमा पार कर 28 अक्टूबर 2021 के पश्चात विस्तृत सूची में दर्ज हो गई. इसलिए अब जिलाधिकारी/ प्रशासी विभाग को अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की है. वहीं परिवादकर्ता को सुझाव दिया गया है कि वे उक्त मामले में अपील दायर करने के लिए स्वतंत्र हैं. 


दरअसल ऐनखां गाँव में पशु मेले के अवैध संचालन को लेकर कई बार शिकायतें हो चुकी हैं. हाल ही में इस मेले के खिलाफ विधायक संदीप सौरभ ने भी शिकायत की थी. ऐनखां पशु मेले से मवेशियों की तस्करी को लेकर भी शिकायतें दर्ज हुई हैं. बावजूद इसके यहाँ मेला संचालित होता रहता है.  

 ऐनखां गाँव में अवैध पशु मेला लगाने और यहाँ से पशु तस्करी करने का आरोप पहले भी लग चुका है. पशु मेले को पशु तस्करी का अड्डा बताते हुए स्थानीय लोगों ने पूर्व में भी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. अप्रैल 2019 में भी इस पशु मेले और यहाँ पशुओं के साथ बरती जाने वाली क्रूरता के खिलाफ दुल्हिन बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी. इसके पूर्व 2018 में भी इसी प्रकार की शिकायत हुई थी. 2019 में बिहटा थाने की पुलिस ने 30 मवेशियों को पशु तस्करों से जब्त किया था. 

कोरोना के दौर में भी  ऐनखां पशु मेला पर कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करने का आरोप लगा था. इस मेला के संचालक के रूप में नागेन्द्र सरदार का नाम आता है. मेले को लेकर हमेशा शिकायत मिलती है कि यहाँ बड़ी संख्या में पशु तस्कर आते हैं और मवेशियों को न सिर्फ भारत के विभिन्न इलाकों में तस्करी करते हैं बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश तक इसके तार जुड़े हैं.


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