डिप्रेशन से परेशान ना हो, इन्हें बनाए अपना दोस्त

डिप्रेशन से परेशान ना हो, इन्हें बनाए अपना दोस्त

डिप्रेशन का दौर ऐसा होता है जिसमें इंसान का खुद का बस नहीं चलता, कई बार तो लोग गलत कदम भी उठा लेते हैं. आपने ये जरूर सुना होगा की किताबें हमारी सच्ची दोस्त होती हैं, जो कभी साथ नहीं छोड़ती और ना ही डिमांड करती हैं. किताबें केवल आपका ज्ञान नहीं बढ़ती किताबें डिप्रेस के वक्त आपका इलाज भी करती है, आपका मूड रिफ्रेश करती है. अमेरिका की पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के मुताबिक जो लोग किताबें पढ़ने में अधिक समय व्यतीत करते हैं, उन्हें डिप्रेशन होने का खतरा कम हो जाता है.

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वैज्ञानिको ने इस अध्ययन को एक हज़ार से अधिक लोगों पर किया गया है. लोगों को 2 समूह में बाट दिया गया था. एक समूह के लोगों को अपना अधिक से अधिक समय किताबों के नाम करना था. दूसरे समूह के लोगों को मूवी, गाने, गेम इत्यादि में समय बिताने को कहा गया. करीब 4 महीने के अध्ययन के बाद पता चला कि दूसरे समूह के लोग कई बार अवसादग्रस्त हुए है.

वैज्ञानिको का कहना है कि बहुत से शोध के बाद ये पता चला कि पूरे दुनिया में किताबें पढ़ने वालों की संख्या में काफी कमी हुई है. इस अध्ययन में यह भी पता चल गया कि बच्चे सबसे अधिक किताबें पढ़ते हैं. इसके परिणाम में उनकी याददाश्त भी अच्छी रहती है. यदि आप डिप्रेशन में है तो किताबें पढ़े, डिप्रेशन से बाहर आने में आसानी होगी.

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