बगैर मास्क और ग्लव्स जिंदगी को दांव पर लगाकर कोरोना मरीजों को जिंदगी देने वाले डॉ रियाज हार गए जिंदगी की जंग

बगैर मास्क और ग्लव्स जिंदगी को दांव पर लगाकर कोरोना मरीजों को जिंदगी देने वाले डॉ रियाज हार गए जिंदगी की जंग

Desk: न बेहतर मास्क,न ही अच्छे क्वालिटी के ग्लव्स, न ही सेफ्टी ड्रेस, लेकिन दिल मे किसी की जान बचाने का जबरदस्त जज्बा, भला डॉक्टर जो ठहरे. डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है. डॉक्टर रियाज भगवान तो नहीं लेकिन उससे कम भी नहीं. कोरोना मरीजों को जिंदगी देते देते आखिरकार कोरोना ने डॉक्टर की जिंदगी ले ली. 

बगैर सेफ्टी ड्रेस और संसाधन के कोरोना मरीजों का इलाज करने को विवश डॉक्टर

भला जरा अनुमान लगाइए कि जिस कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। इतना ही नहीं वह इलाज करने वाले चिकित्सकों को भी पल भर में अपना शिकार बना ले रहा है ।जिस चायनीज चिकित्सक ने कोरोना वायरस की पहचान कि उसे भी उसने नहीं छोड़ा। इटली से लेकर अमेरिका जैसे विकसित देशों में जहां चिकित्सकों के पास तमाम संसाधन उपलब्ध है। उन्हें भी वह अपना शिकार बना ले रहा है। उन परिस्थितियों में अगर कोई डॉक्टर बगैर मास्क और बिना कोई सेफ्टी ड्रेस के कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज करता है तो क्या आप उसे भगवान नहीं कहेंगे । लेकिन अंततः वह भगवान ही अपनी जान गंवा बैठता है । 

यह सच्चाई है पाकिस्तान के एक ऐसे चिकित्सक की जिसके बारे में जानकर यह महसूस होता है अगर आपके अंदर जज्बा है तो आप कुछ भी कर सकते हैं भले ही आपकी जान क्यों ना चली जाए ।बता दें कि पाकिस्तान के डॉक्टर उसामा रियाज जिसकी उम्र मात्र 26 साल थी, वह कोरोना वायरस से लड़ते-लड़ते अपनी ही जिंदगी की जंग हार गया ।खबर के मुताबिक कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान पाकिस्तान की सरकार ने डॉक्टर को ना तो मास्क उपलब्ध करवा पाई न हीं ग्लव्स,ड्रेस की बात ही छोड़ दें। इस स्थिति में भी डॉक्टर रियाज लोगों की इलाज करते रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाज के दौरान कोरोना के वायरस ने डॉक्टर रियाज को भी डस लिया ।बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस से पीड़ित होने के बाद तबीयत खराब होते ही उन्हें जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती करवाया गया ।जहां रविवार को उनका निधन हो गया ।

पाकिस्तानी अखबारों के मुताबिक पूरे देश में डॉ रियाज  हीरो बनकर उभरे हैं। डॉक्टर उसामा की मौत के बाद वहां के सरकारी व्यवस्था की पोल भी खुल गई है ।गौरतलब है की रियाज 10 लोगों की डॉक्टर की टीम का हिस्सा थे जो हाल ही में ईरान से लौटे लोगों को चेकअप में लगे थे। लेकिन न तो इनके पास मास्क था और न हीं ग्लव्स। उसके बावजूद इन चिकित्सकों ने अपना फर्ज निभाया।और यही कारण रहा कि संक्रमित मरीज के संपर्क में आते ही डॉक्टर रियाज कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए। बताया जा रहा है कि रियाज ने अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों को जान देने की कोशिश की लेकिन खुद की ही जान गंवा बैठे।

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