पेपर लीक कांड के आरोपी DSP का BPSC के पूर्व मेंबर से नजदीकी संबंध, पूछताछ में किया खुलासा...EOU इस एंगल पर भी कर रही जांच

पेपर लीक कांड के आरोपी DSP का BPSC के पूर्व मेंबर से नजदीकी संबंध, पूछताछ में किया खुलासा...EOU इस एंगल पर भी कर रही जांच

पटनाः आर्थिक अपराध इकाई ने 67वीं बीपीएससी पेपर लीक केस में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस -14, पटना में तैनात डीएसपी रंजीत कुमार रजक को गिरफ्तार कर लिया है। इसके पहले 23 जून को ईओयू ने राम शरण सिंह इवनिंग कॉलेज गया के प्राचार्य शक्ति सिंह को गिरफ्तार किया था। शक्ति से पूछताछ के बाद डीएसपी रंजीत कुमार रजक का नाम सामने आया था. ईओयू ने पहले डीएसपी को पूछताछ के लिए बुलाया, फिर मंगलवार को आरोपी पुलिस उपाधीक्षक रंजीत रजक को गिरफ्तार कर लिया। रंजीत से पूछताछ में एक चौकाने वाली जानकारी हासिल हुई है। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई उस एंगल पर भी जांच कर रही है।


बीपीएससी के पूर्व मेंबर से काफी नजदीकी संबंध 

ईओयू से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी डीएसपी ने बिहार लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य का नाम उगला है। पूछताछ में डीएसपी ने बताया है कि पूर्व सदस्य से उनके काफी नजदीकी संबंध रहे हैं। उनके घर आना-जाना होता था। 2014 से ही उनसे काफी नजदीकी थी। इस दौरान वे बीपीएससी के मेंबर बने थे। डीएसपी रंजीत रजक ने पूछताछ में जिनका नाम लिया है वो 2020 से पहले तक आयोग के मेंबर हुआ करते थे। इसके अलावे रंजीत ने कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। इस आधार पर जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई में जुटी है। पूछताछ में आयोग के पूर्व मेंबर का नाम आया है, लिहाजा ईओयू पूर्व सदस्य के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है।  

अवैध संपत्ति अर्जित करने पर भी ईओयू की नजर 

इधर, ईओयू ने आरोपी डीएसपी को गिरफ्तार करने के बाद उनके पटना स्थित आवास को भी खंगाला है। जांच एजेंसी आरोपी डीएसपी रंजीत रजक की संपत्ति के बारे में भी पता लगा रही है। रंजीत के घर का लाइफ स्टाइल देखकर टीम दंग रह गई। अगर और सबूत मिलता है तो आय से अधिक संपर्ति अर्जित करने का केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। 

पेपर लीक में रंजीत पर दाखिल है चार्जशीट 

बता दें, डीएसपी रंजीत के खिलाफ ईओयू ने बीएसएससी पेपर घोटाले में 30 जून 2014 को चार्जशीट की थी। उस पर ओएमआर शीट को निकाल कर खाली छोड़े गए उत्तर को कलर कर परीक्षा परिणाम को प्रभावित करने का आरोप हैं। इसके बाद भी रंजीत रजक का पुलिस अधीक्षक के रूप में चयन हुआ और 2019 में नीमचक बथानी में एसडीपीओ के पद भी रहे। सिपाही और दारोगा भर्ती में रंजीत की क्या भूमिका रही,इस पर भी जांच एजेंसी की नजर है। 8 मई को प्रश्न पत्र लीक होने के बाद ईओयू ने जब छापेमारी शुरू की थी तो 11 मई को रंजीत ने अपना मोबाइल तोड़ कर फेंक दिया।  

जानकारी के अनुसार, पेपर लीक कंड में गिरफ्त में आये डीएसपी रंजीत रजक की सेटिंग लंबे समय से थी। कहा जाता है कि एक भाई बीपीएससी की परीक्षा पास कर एसडीएम बन गए। दूसरे भाई ने 63वीं बीपीएससी का एग्जाम दिया और फिर वो लेवर एनफोर्समेंट अफसर बन गए। इन दोनों भाइयों की सरकारी नौकरी अब ईओयू के शक के दायरे में आ गई है। आने वाले दिनों में इनके बहाली की हुई प्रक्रिया की जांच होगी।

 

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