शिक्षा मंत्री का शिक्षकों से संवाद, कहा- फरवरी तक नहीं होंगे सीबीएसई के बोर्ड एग्जाम

शिक्षा मंत्री का शिक्षकों से संवाद, कहा- फरवरी तक नहीं होंगे सीबीएसई के बोर्ड एग्जाम

डेस्क... केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को कहा कि सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं जनवरी-फरवरी 2021 तक नहीं होंगी और फरवरी के बाद परीक्षाएं कब कराई जा सकती हैं इस पर विचार विमर्श करेंगे। आगे सूचना दी जाएगी। श्री निशंक बोर्ड परीक्षा के आयोजन के बारे में डिजिटल माध्यम से शिक्षकों के साथ संवाद कर रहे थे। 

इस दौरान एक शिक्षिका ने पूछा था कि क्या बोर्ड परीक्षा का स्थगन संभव है, क्या इसमें तीन माह की देरी हो सकती है?  इसके जवाब में शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा कि मोदी सरकार छात्रों के साथ है और हम लगातार छात्रों के साथ बात कर रहे हैं। हमने कोरोना काल में जेईई मेन और नीट जैसी परीक्षाएं कराएं और बिहार चुनाव में इन परीक्षाओं का उदाहरण लिया गया। 

उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि छात्रों पर कोरोना डिग्रीधारी का ठप्पा लगे और यह भी नहीं चाहते कि कोई यह कहे कि कोरोना के समय डिग्री मिली, इसलिए आवेदन ना करें। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिहार चुनाव के संबंध में चुनाव आयुक्त ने कहा था कि यह नीट के मानकों का पालन करते हुए हम चुनाव कराएंगे और यह सफल चुनाव रहा था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा फरवरी तक बोर्ड परीक्षाएं कराना संभव नहीं होगा।

एक शिक्षक ने पूछा कि जब ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा सकती है, तब ऑनलाइन परीक्षा क्यों नहीं ली जा सकती है? इस पर निशंक ने कहा कि अभी कुछ संख्या में छात्रों को शिक्षा तक एक समान पहुंच उपलब्ध नहीं है। ऐसे छात्रों के लिए लैपटॉप और इंटरनेट उपलब्ध कराना होगा और ऐसे में इस तरीके से परीक्षा लेना उचित नहीं होगा। 


शिक्षकों के प्रशिक्षण से जुड़े एक सवाल के जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने निष्ठा कार्यक्रम के जरिए शिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू किया है। सीबीएसई ने अप्रैल से अगस्त के बीच करीब 4.80 लाख शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया है। वहीं, केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 15 हजार और जवाहर नवोदय विद्यालय में 9 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया है। 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने काफी काम किया है। इसके लिए मंत्रालय ने फिट इंडिया मूवमेंट, ऑनलाइन योगा सेशन और ऑनलाइन कार्यक्रमों के सहित तमाम कार्यों को शामिल किया। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में मनोदर्पण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत डॉक्टर सुझाव देने के लिए उपलब्ध रहते हैं।

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया के हम पहले देश होंगे जो कि स्कूल शिक्षा के स्तर पर ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत होगी। यह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत काम किया जा सकता है। व्यवसायिक शिक्षा के बारे में शिक्षा मंत्री ने कहा वर्तमान में हजारों सीबीएसई स्कूलों में छठी कक्षा से व्यवसायिक शिक्षा दी जा रही है।

जल्दबाजी में कुछ नहीं कहा जा सकता है : अशोक चौधरी

प्रदेश के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने हाल ही में स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। शिक्षा का नया कैलेंडर आने वाला है। हम इस मामले में पूरा विमर्श करेंगे अभी जल्दबाजी में कुछ नहीं कहा जा सकता है।

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