बढ़ाया हौंसला! पीपीई किट पहनकर अस्पताल पहुंचे मंत्री सुमित सिंह, डॉक्टरों और मरीजों से कहा - टीम स्पिरट से महामारी पर करेंगे जीत हासिल

बढ़ाया हौंसला! पीपीई किट पहनकर अस्पताल पहुंचे मंत्री सुमित सिंह, डॉक्टरों और मरीजों से कहा - टीम स्पिरट से महामारी पर करेंगे जीत हासिल

JAMUI : कोरोना मरीजों का हाल जानने के लिए  विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमीत सिंह सदर अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने कोरोना वार्ड में आज मरीजों से मिलकर उनसे उनकी तबियत, उपचार एवं उनकी देखभाल के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि  हर जीवन की कोरोना से रक्षा हमारा अभी प्रथम लक्ष्य है। इसमें कोई लापरवाही मैं कदापि बर्दाश्त नहीं करूंगा। हालांकि, मेरा दर्शन रहा है टीम स्पिरिट से परिणाम तक पहुंचना। शिद्दत से प्रयत्न कर इस वैश्विक महामारी को भी मात दे, बड़ी संख्या में जिंदगी बचाना है। स्वास्थ्य कर्मियों की जमुई की टीम इस दिशा में प्रयत्नशील है।

सुमित सिंन के कहा कि मैंने सिविल सर्जन विनय कुमार शर्मा जी को बताया कि कोरोना मरीज की अगर समुचित देखभाल हो तो उनकी रिकवरी अधिक आसान होती है। इसलिए हर परिस्थिति में उपचार के साथ-साथ खान-पान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इस बार ऐसा देखने में आया है कि घर पर रहकर जिनका उपचार हुआ इसमें प्रायः लोग शीघ्र स्वस्थ हो गए। इसकी वजह है घर पर उपचार के साथ- साथ उनकी बढ़िया से तीमारदारी हुई। उन्होंने कहा कि अमूमन अस्पतालों के बारे में यह शिकायत होती है कि वहां मरीजों की देखभाल में कमी होती है, नर्स एवं अन्य मेडिकल कर्मी कोरोना संक्रमित हो जाने के भय से समुचित देखभाल नहीं करते हैं। महामारी में खान-पान, साफ-सफाई, शौचालय की स्वच्छता, शुद्ध गर्म पेयजल आदि की व्यवस्था अच्छी रहनी चाहिए,  उनके प्रति व्यवहार मधुर हो। उनमें जीवन के प्रति भरोसा जगाना आवश्यक होता है। इसका हमेशा ख्याल रखना चाहिए।  

जमुई की हालत बेहतर

विज्ञान एवं प्रौधिगिकी मंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों की तुलना में जमुई सदर अस्पताल में स्थिति बहुत बेहतर हैं, यहां स्वास्थ्यकर्मी इस मामले में काफी संवेदनशील हैं। सिविल सर्जन विनय जी ने मुझे भरोसा दिया कि बेहतर से बेहतरीन व्यवस्था हो सके इसका पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा किवहां मुझे कोरोना प्रोटोकॉल के तहत पीपीई किट पहन कर जाना पड़ा। ऐसे भी एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के नाते हर किसी सुरक्षा का ख्याल रखें। मैं संक्रमण रोकने में सहायक बनूं, उसे फैलाने में वाहक न बनूं। अपने से अधिक अपने साथ वालों की फिक्र रहती है, इसलिए कोविड प्रोटोकॉल का मैं पूर्ण अनुपालन करता हूं।  हालांकि, अपने जनता जनार्दन की जीवन रक्षा के लिए मैं कोई भी खतरा मोल ले सकता हूं।  

इस अवसर विनय जी के अलावा अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नौशाद जी, डीपीएम सुधांशु नारायण लाल जी, जिला मूल्यांकन पदाधिकारी मुकेश सिंह जी, आइसोलेशन एवं डेडिकेटेड वार्ड प्रभारी डॉ कृष्णमूर्ति जी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अभिषेक गौरव जी, सदर हॉस्पिटल के प्रबंधक रमेश पांडेय जी और डॉ देवेंद्र प्रसाद जी आदि उपस्थित थे।


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