इंजीनियरिंग में डिप्लोमा लेने वाले विजय कुमार सिन्हा का विधानसभा स्पीकर बनने का सफर कैसा रहा, जानिए....

इंजीनियरिंग में डिप्लोमा लेने वाले विजय कुमार सिन्हा का विधानसभा स्पीकर बनने का सफर कैसा रहा, जानिए....

पटना... बिहार विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए लखीसराय से विधायक बने विजय कुमार सिन्हा चुन लिए गए है। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच बिहार विधानसभा को नया स्पीकर मिल गया है। एनडीए उम्मीदवार के रूप में उतरे भारतीय जनता पार्टी के विधायक विजय कुमार सिन्हा के सामने महागठबंधन ने आरजेडी विधायक अवध बिहारी सिंह को उतारा गया था। विजय सिन्हा के पक्ष में 126 वोट पड़े, जबकि आरजेडी विधायक के पक्ष में 114 वोट पड़े। 

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष की कुर्सी संभालने वाले विजय सिन्हा पहले बीजेपी विधायक हैं। इससे पहले कभी भी बीजेपी के खाते में विधानसभा स्पीकर की सीट नहीं गई है, लेकिन इस बार पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन कर पूरे राज्य की सियासत के समीकरण बदल दिया। 

विजय सिन्हा लखीसराय सीट से विधायक हैं। लखीसराय सीट पर वो लगातार तीसरी बार चुनाव जीते हैं। 2015 में जब आरजेडी और जेडीयू ने मिलकर चुनाव लड़ा तो उस स्थिति में भी विजय सिन्हा का दबदबा लखीसराय में कायम रहा और उन्होंने बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की। विजय सिन्हा ने जेडीयू के रामानंद मंडल को हराया था।  मौजूदा चुनाव में विजय सिन्हा के सामने महागठबंधन उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के अमरेश कुमार थे। अमरेश कुमार को विजय सिन्हा ने 10 हजार से मतों के अंतर से चुनाव हराया। 


विजय सिन्हा का जन्म 5 जून 1967 को हुआ था। उन्होंने बेगूसराय के सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। उन्होंने 1989 में ये डिप्लोमा हासिल किया था। विधायक के साथ-साथ विजय सिन्हा को सरकार का भी अनुभव है। पिछली नीतीश कुमार सरकार में वो श्रम संसाधन मंत्री रहे हैं। विजय सिन्हा भूमिहार जाति से आते हैं। ऐसे में उनको विधानसभा स्पीकर की जिम्मेदारी मिलने को सामाजिक समीकरण को संतुलित करने के तौर पर भी देखा जा रहा है। राज्य में प्रवक्ता के अलावा संगठन में भी विजय सिन्हा कई स्तर पर काम कर चुके हैं। 

इनकी रुचि सामाजिक, राजनैतिक और धार्मिक कार्यों में शुरू से रही है। बचपन में ही यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। महज 13 वर्ष की उम्र में यानी 1980 में सिन्हा ने बाढ़ में आयोजित बीजेपी के कार्यक्रम में पारिवारिक भागीदारी में सहयोग किया था। 15 वर्ष की उम्र में बाढ़ के दुर्गापूजा समिति के सचिव के रूप में चुने गए। यहां से जब इनके भीतर संगठन में नेतृत्व क्षमता डेवलप होने लगी तो बाढ़ के ही एएन कॉलेज में पढ़ते हुए 1983 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्र राजनीति में यह सक्रिय हो गए। इसी का नतीजा हुआ कि पॉलिटेक्निक में पढ़ते हुए 1985 में राजकीय पॉलिटेक्निक मुजफ्फरपुर छात्र संघ के अध्यक्ष बने। 1990 में सिन्हा को राजेन्द्र नगर मंडल पटना महानगर भाजपा में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेवारी मिली। वर्ष 2000 में सिन्हा को प्रदेश संगठन प्रभारी, भारतीय जनता युवा मोर्चा बिहार-सह-चुनाव प्रभारी भाजपा सूर्यगढ़ा विस जिला लखीसराय की जिम्मेवारी दी गई। 2002 में भारतीय जनता युवा मोर्चा, बिहार के प्रदेश सचिव बनाए गए।


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