ब्राह्मणों पर विवादित बयान को लेकर जीतनराम मांझी पर दायर हुआ परिवारवाद, हिन्दू समुदाय की भावना को ठेस पहुँचाने का आरोप

ब्राह्मणों पर विवादित बयान को लेकर जीतनराम मांझी पर दायर हुआ परिवारवाद, हिन्दू समुदाय की भावना को ठेस पहुँचाने का आरोप

SARAN : पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी द्वारा ब्राह्मणों पर विवादित बयान देने का मामला अब अदालत तक पहुँच गया है। अखिल भारतीय सारण जिला ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष विवेकानंद तिवारी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें माँझी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गयी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्यनारायण पूजा के खिलाफ जीतन राम मांझी के बयान का मकसद हिंदू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है। इसके अलावा उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के लिए अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया। तिवारी ने कहा, ‘मांझी का बयान राष्ट्रीय एकता को खंडित करने एवं भारतीय संविधान के मूल सिद्धान्तों  को अपने बयानों से तोड़ा है। मांझी जातीय  उन्माद एवं दंगा कराना चाहते है। उनके अपमानजनक बयान में दो जातियों के बीच दंगे पैदा करने की साजिश है। 

विदित हो की जीतनराम मांझी ने 19 दिसंबर को पटना में एक जनसभा के दौरान ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। उन्होंने कहा था, ‘जब मैं छोटा था, सत्यनारायण पूजा का प्रचलन हमारे समुदाय (मुसहर) में ज्यादा लोकप्रिय नहीं था। इन दिनों सत्यनारायण पूजा का प्रचलन लगभग हर घर में हो रहा है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि ब्राह्मण (पंडित) हमारे घर आते है, पूजा करते हैं। लेकिन वे हमारे घरों में खाना नहीं खाते हैं। वे बेशर्मी से हमारे घरों में खाना खाने के बजाय हमसे पैसे (दक्षिणा) मांगते हैं। 

वहीँ बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी पर बिहारशरीफ में भी कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मांझी पर जाति विशेष के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप है। वहीँ जिले के हरनौत में पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का पुतला फूंका गया है। 

छपरा से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट 

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