अमित शाह के आने के डर से 17 साल में पहली बार जेपी की पुण्यतिथि मनाने का ढोंग करने को मजबूर हो गई नीतीश सरकार : बीजेपी

अमित शाह के आने के डर से 17 साल में पहली बार जेपी की पुण्यतिथि मनाने का ढोंग करने को मजबूर हो गई नीतीश सरकार : बीजेपी

PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने राजनीतिक गुरू जय प्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा गए हुए हैं। नीतीश कुमार के 17 साल के शासन में यह पहली बार हो रहा है जब बिहार सरकार संपूर्ण क्रांति के प्रणेता की पुण्यतिथि को राजकीय समारोह के रूप में मना रही है। यह सारा फैसला रातों रात लिया गया है, वह भी सिर्फ इसलिए क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह सिताब दियारा जानेवाले हैं। बिहार के मुख्यमंत्री पर यह आरोप बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने लगाया है। 

बीजेपी कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बेतिया सांसद ने कहा कि अमित शाह के सिताब दियारा जाने की घोषणा से बिहार की सरकार की चिंता बढ़ गई है। वह डरी हुई है। उनके आने से पहले ही वे सिताब दियारा जा रहे हैं,और अचानक उन्हें सिताब दियारा के विकास की चिंता होने लगी। वहां कई कार्यों के उद्धाटन किए जाने लगे। सवाल यह है कि यह सब तब क्यों हो रहा है जब अमित शाह आनेवाले हैं।

कांग्रेस की गोद में बैठ गए

 जेपी के आंदोलन से नीतीश कुमार, लालू प्रसाद, सुशील जी जैसे लोगों ने अपनी राजनीति शुरू की। जेपी का आंदोलन कांग्रेस के खिलाफ था, कांग्रेस के परिवारवाद के खिलाफ था। कांग्रेस और परिवारवाद के गोद में बैठ कर नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरा कर रहे हैं। नीतीश कुमार की पूरी राजनीति अब जेपी के रास्ते के विरुद्ध हो गई है।


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