पटना में मतगणना केंद्र के भीतर प्रत्याशियों के बीच जमकर मारपीट, पथराव में कई पुलिस के जवान घायल

पटना में मतगणना केंद्र के भीतर प्रत्याशियों के बीच जमकर मारपीट, पथराव में कई पुलिस के जवान घायल

PATNA: पटना के पालीगंज मतगणना सेंटर पर हार जीत को लेकर मतदान केंद्र के अंदर दो बार प्रत्याशी आपस में भिड़ गए। पालीगंज के ख़िरीमोड मतगणना सेंटर के अंदर दो बार मतगणना के लिए आए कुछ प्रत्याशी आपस मे भीड़ गए। हालांकि हल्ला हंगामा देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने सजगता दिखाते हुए दोनों को अलग-अलग कर दिया और मामला शांत कराया। 

बताया जाता है कि पहली बार सरसी पिपरदाहां पंचायत के जीतने वाले और कुछ मतों से मार खा जाने वाले प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़े। जबकि दूसरी बार जिला परिषद चुनाव में हारने और जीतने वाले प्रत्याशी ही आपस में भिड़ गए। हल्ला-हंगामा देखकर पुलिस ने तत्परता से मोर्चा संभालकर मामला शांत कराया। वैसे तो मतगणना केंद्र के बाहर धारा 144 लगाई गई थी, लेकिन वो महज दिखावे के लिए थी। मतगणना स्थल औऱ उसके आसपास इतनी ज्यादा भीड़ थी कि उससे लगी सड़क पर पैदल चलना भी दूभर था। मतगणना के दौरान कई बार रोड़ेबाजी भी हुई। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई। हालात बिगड़ते देख वहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस रोड़ेबाजी में गेट के पास के कुछ पुलिसकर्मी को चोट भी लगी। हालांकि किसी के गंभीर रूप से जख्मी होने की सूचना नही है। इस संबंध में बताया जाता है कि चंढोस पंचायत में मुखिया पद के लिए विजेता और उपविजेता में बहुत कम अंतर था। जिसको लेकर दोबारा मतगणना करवाने के लिए आवेदन दिया गया था। आवेदन स्वीकार होने पर रिकॉउंटिंग कराई जा रही थी। बताया जा रहा थी जहां देर होने पर लोग आक्रोशित हो गए और इसी को लेकर लोग उग्र हो गए। इसी दौरान अंधेरे का फ़ैयादा उठाकर कुछ उपद्रवियों ने रोड़ेबाजी कर दी। जिसके बाद वहां भगदड़ की स्थिति बन गई। 

हालांकि सूचना पाकर पालीगंज एएससपी स्थित को संभालते हुए मामला शांत करवाया। जिसके बाद लोग शांत हुए और फिर कॉउंटिंग का काम चालू किया गया। खिरीमोड थाना प्रभारी रवि शंकर कुमार ने बताया कि मतगणना के दौरान ऐसी छोटी मोटी घटनाएं तो होती ही रहती है। इसके इतर बात करेंगे पालीगंज स्थित मतगणना स्थल में अव्यवस्थाओं की, तो आलम यह था कि महिला ज़मीन पर बैठी थी जबकि पुलिसकर्मी कुर्सी पर डटे थे। यहां जरूरत भर कुर्सी भी नही लगाई गई थी। मतगणना के दौरान दो बार बारिश हो गई, जिस वजह से व्यवस्था की कलई खुल गई। बैठने के लिए बनाए गए टेंट में पानी घुस चुका था। जहां खड़ा होना भी मुश्किल था। कुछ लोग वहां रखे बेंच पर दोनों पैर ऊपर कर के शरण लिए हुए थे। तो कुछ सूखी ज़मीन देखकर बैठे हुए थे।

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