अपने विवादित बयान पर डटे पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी, कहा पहाड़, पत्थर पुजिये, लेकिन नहीं मानता भगवान राम को

अपने विवादित बयान पर डटे पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी, कहा पहाड़, पत्थर पुजिये, लेकिन नहीं मानता भगवान राम को

VAISHALI : विवादों से नाता रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने एक बार फिर अपने विवादित बयान को दुहराते हुए श्रीराम को मानने से साफ साफ इंकार कर दिया। राहुल सांकृत्यायन, लोकमान्य तिलक और सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए अपनी बात पर जीतन राम मांझी डटे हुए है। 

मुजफ्फरपुर से लौटने के दौरान वैशाली के भगवानपुर में कार्यकर्ताओं ने उनका फूल माला से स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए जीतनराम मांझी ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट कहता है कि राम काल्पनिक है तो उनकी बात नहीं होती है। लेकिन मैं उसी बात को कहता हूँ तो लोग विरोध करते हैं। जीतनराम मांझी ने कहा की आप पहाड़ पूजिए, पत्थर पुजिये। लेकिन मैं नहीं मानता भगवान राम को। उन्होंने एक सवाल के जवाब में निकलने वाली शोभायात्रा को भी गलत करार दिया। 

वही बोचहां विधानसभा उपचुनाव में एनडीए की हार पर तीखा हमला बोलते हुए जीतनराम मांझी ने कहा कि मुकेश सहनी जिस मकसद से चुनाव लड़े थे। उसने उन्हें सफलता मिली है। नियमतः अमर पासवान को एनडीए से टिकट मिलना चाहिए था। लेकिन एनडीए में कोर्डिनेशन की कमी दिखी और हमलोगों के मन की बात नहीं सुनी गई। बता दे कि इसके बाद जीतन राम मांझी लालगंज प्रखंड के पौरा मदन गांव पहुंचे। जहाँ एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए।

वैशाली से राजकुमार की रिपोर्ट 

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