जीडीएसएफ ने मजबूती से चुनाव लड़ा लेकिन नतीजे अपेक्षित नहीं रहेः रालोसपा

जीडीएसएफ ने मजबूती से चुनाव लड़ा लेकिन नतीजे अपेक्षित नहीं रहेः रालोसपा

PATNA : बिहार विधानसभा का चुनाव खत्म होने के पश्चात धीरज कुशवाहा ने पहली बार बक्सर जिले का दौरा किये और बक्सर की जनता से मिलकर यहाँ से मिले हुए विशाल जनाधार स्वरूप आशीर्वाद पर जनता का धन्यवाद किया. इस मौके पर उन्होंने समर्थकों एवं जिला कमिटी के सारे सदस्यों का मनोबल बढ़ाया. उन्होंने कहा की हमलोग केवल चुनाव हारे हैं हिम्मत नहीं. हमने हर सीट पर मजबूती से चुनाव लड़ा है. आगे भी जनता एवं समर्थकों के बीच रहकर रालोसपा के पदाधिकारियों का दायित्व बनता है कि पार्टी को और मजबूत करने का काम करें. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बहुत जल्द ही जिला एवं प्रदेश कमिटी को भंग कर नए सिरे से मजबूती के साथ कमिटी का पुनर्गठन किया जाएगा. 

हालांकि रालोसपा ने यह भी कहा कि इन नतीजों ने पूरे बिहार में जीडीएसएफ की मौजूदगी का अहसास कराया. पार्टी के प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता धीरज सिंह कुशवाहा ने कहा कि रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की अगुआई में फ्रंट मजबूती से चुनाव लड़ा. लेकिन नतीजे उसकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं आए. कुशवाहा ने कहा कि रालोसपा फ्रंट में शामिल सभी दलों के नेताओं का आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व को स्वीकार किया और उन्हें मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाया था. उपेंद्र कुशवाहा ने चुनाव में अपने उम्मीदवारों के लिए जी तोड़ मेहनत भी की लेकिन नतीजे पार्टी के लिए हैरान करने वाले रहे. कुशवाहा ने कहा कि रालोसपा मायावती, असद्दुदीन ओवैसी, ओमप्रकाश राजभर, देवेंद्र प्रसाद यादव और संजय च्वहाण का आभार जताती है कि सबने फ्रंट के उम्मीदवारों को कामयाब बनाने के लिए अपनी हर मुमकिन कोशिश की और उपेंद्र कुशवाहा के साथ पूरी ताकत के साथ वे खड़े रहे. फ्रंट थोड़ा और पहले बना होता तो नतीजे और बेहतर होते. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी तमाम दलों के नेताओं का व्यक्तिगत तौर पर आभार जताया है और उम्मीद जाहिर की है कि बिहार और देश के दूसरे हिस्सों में मिल कर जनसरोकारों की लड़ाई लड़ेंगे. 

धीरज सिंह कुशवाहा ने कहा कि जीडीएसएफ ने बिहार में छह सीटों पर जीत दर्ज की और पचास से ज्यादा सीटों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. इसके लिए पार्टी बिहार के आवाम को बधाई देती है कि उन्होंने फ्रंट पर यकीन जताया. कुशवाहा ने कहा कि फ्रंट के विधायक वंचितों, अकलियतों, पिछड़ों-अतिपिछड़ों और महादलितों की आवाज विधानसभा और विधानसभा से बाहर उठाते रहेंगे. जनसरोकार के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेंगे. कुशवाहा ने कहा कि फ्रंट नई बनने वाली सरकार में तमाम लोगों की हिस्सेदारी की मांग करता है. उन्होंने कहा कि फ्रंट ने चार उपमुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की थी. लेकिन अब बनने वाली नई सरकार ने दो उपमुख्मंत्री बनाया है. रालोसपा ये मांग करती है की वे सत्ता में तमाम वर्गों को हिस्सेदारी दे. रालोसपा के प्रवक्ता ने ये भी कहा कि पार्टी और फ्रंट पढ़ाई, कमाई, दवाई, सुनवाई, सिंचाई और कार्रवाई के मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखेगी. 

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