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गया जी के विष्णुपद मंदिर पहुंचे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, 16 वेदियों पर पितरों का किया पिंडदान

गया जी के विष्णुपद मंदिर पहुंचे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, 16 वेदियों पर पितरों का किया पिंडदान

गया- बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर गया पहुंच चुके हैं. विष्णुपद में उन्होंने अपने पितरों के निमित्त तर्पण का कर्मकांड किया.  राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के गया पहुंचने पर  जिला प्रशासन सतर्क है. गया पहुंचने के बाद वे विष्णुपद मंदिर पहुंच कर  पितरों के निमित तर्पण  किया. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर करीब ढाई घंटे तक गया में रहेंगे. सुबह के करीब 9 बजे वे विष्णुपद मंदिर पहुंचें.राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का गया आगमन कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा आज 9:00 बजे से 9:20 तक घुंघड़ीटांड़ बाईपास होते हुए नारायणी पुल, बंगाली आश्रम रोड को बीस मिनट के लिए बंद कर दिया गया.



वहीं, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर  11:00 बजे के बाद वापसी करेंगे. इसे लेकर 11:00 से 11:20 तक विष्णुपद मंदिर से बंगाली आश्रम होते हुए नारायणी पुल बाईपास तक का रास्ता जिला प्रशासन द्वारा बंद कर दिया गया. राज्यपाल के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा आमजनों और पंडा समाज के लोगों से अपील की गई है.बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वास आर्लेकर गया जी के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के प्रांगण में पितृ पक्ष के 10वें दिन 16 वेदियों पर पितरों का पिंडदान और तर्पण किया.







पुराणों में तीन क्षेत्र को पिंडदान के लिए सबसे उत्तम माना गया है. बद्रीनाथ का ब्रह्मकपाल क्षेत्र, हरिद्वार का नारायणी शिला क्षेत्र और बिहार का गया जी का क्षेत्र. तीनों स्थान ही पितरों की मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं. इनमें गया क्षेत्र का विशेष महत्व है. मान्यता है कि गया जी में स्थित हैं कुछ ऐसे दिव्य स्थान जहाँ पिंडदान करने से पूर्वजों को साक्षात भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उन्हें मुक्ति मिलती है. अतिप्राचीन विष्णुपद मंदिर जो सनातन के अनुयायियों में सबसे पवित्र माना गया है, इस मंदिर में स्थित हैं भगवान विष्णु के चरणचिह्न जिनके स्पर्श मात्र से ही मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है, वहीं यहां तर्पण करने से पितरों को मुक्ति मिलती है.मंदिर के गर्भगृह में स्थापित जिस शिला पर भगवान शिव के पदचिह्न अंकित हैं, उसे धर्मशिला कहा जाता है.बता दें गया क्षेत्र में स्थित 54 वेदियों में से 19 वेदियाँ विष्णुपद मंदिर में ही स्थित हैं जहाँ पूर्वजों की मुक्ति के लिए पिंडदान किया जाता है.  इन 19 वेदियों में से 16 वेदियाँ अलग हैं और तीन वेदियाँ रुद्रपद, ब्रह्मपद और विष्णुपद हैं जहाँ खीर से पिंडदान का विधान है.










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