हैवानियत : राम राज्य वाले यूपी में महिला के साथ मंदिर के पुजारी ने किया गैंगरेप, प्राइवेट पार्ट में डाली रॉड, धर्मस्थल में गुम हो गईं चीखें...

हैवानियत : राम राज्य वाले यूपी में महिला के साथ मंदिर के पुजारी ने किया गैंगरेप, प्राइवेट पार्ट में डाली रॉड, धर्मस्थल में गुम हो गईं चीखें...

डेस्क...  राम राज्य वाले यूपी मे 50 वर्षीय 'सीता' के साथ मंदिर के पुजारी ने गैंगरेप किया है। निर्भया रेप से भी ज्यादा और घिनौना कांड हुआ है। वो पंडित गुप्तांग में रोड डाल कर महिला को तड़प-तड़प के मरने दिया। उस 'सीता' का कसूर बस इतना था कि वो 'राम' के मंदिर उसकी पूजा करने जा रही थी। बदायूं गैंगरेप की घटना कोई सामान्य घटना नहीं है, पुलिस ने 44 घंटे तक पीड़िता का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया। ये असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है। उत्तरप्रदेश की ब्यूरोक्रेसी इस स्तर तक आ गई कि अपने ‘मालिकों’ को खुश करने के लिए ऐसे जघन्य अपराध छिपा रही है। 

उत्तर प्रदेश में बदायूं के उघैती में महिला से गैंगरेप के बाद हुई हैवानियत के मामले में कांड पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। रात भर आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस ने महंत के चेले को गिरफ्तार लिया है। इस मामले में लापरवाह इंस्पेक्टर रावेंद्र प्रताप सिंह को एसएसपी ने निलंबित कर दिया।

धार्मिक स्थल पर पूजा अर्चना करने गई महिला के साथ गैंगरेप एवं निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। सनसनीखेज घटना में धार्मिक स्थल के महंत एवं उसके चेले व गाड़ी के ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया था। मुकदमा कायम होने के बाद पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी चुनौती बन गयी थी। एसएससी संकल्प शर्मा के निर्देश पर चार पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी को लगाई गयीं। रात भर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में दबिश देती रही। देर रात वासुदेव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 

इस पूरे प्रकरण में एसएसपी ने प्रभारी निरीक्षक रवेंद्र प्रताप सिंह की लापरवाही सामने आने पर निलंबित कर दिया। शासन स्तर से भी इस मामले में अभी कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की संभावना जतायी जा रही है।

निलंबित प्रभारी रावेंद्र प्रताप सिंह की लापरवाही की वजह से पुलिस महकमे की प्रदेश भर में छीछालेदर हो रही है संज्ञान में हालातों को भांपकर एसएसपी संकल्प शर्मा ने सबसे पहले प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर किया। देर रात तक एसएसपी खुद थाने पर रहकर पुलिस टीमों की मॉनिटरिंग करते रहे।

तमाम मोबाइल नंबर सर्विलेंस पर लगाने के साथ पुलिस ने आरोपियों के डेढ़ दर्जन से अधिक रिश्तेदारों एवं उन लोगों को हिरासत में लिया है। जिनकी आरोपियों से फोन पर बातचीत हुई है। महंत के गांव तक पुलिस की टीम खाक छानती रही, लेकिन महंत पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है।

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