लोगों की गालियाँ और फटकार सुनकर भी वैक्सीन लगाते है स्वास्थ्यकर्मी, सोशल मीडिया पर लोगों ने की सराहना

लोगों की गालियाँ और फटकार सुनकर भी वैक्सीन लगाते है स्वास्थ्यकर्मी, सोशल मीडिया पर लोगों ने की सराहना

SHEKHPURA : जिला के बरबीघा रेफरल हॉस्पिटल के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर फैजल अरशद ने बताया कि लोगों में व्हाट्सएप फेसबुक और सोशल मीडिया के द्वारा दिग्भ्रमित कर दिया गया है कि कोरोना वैक्सीन लेने से नपुंसक हो जाता है. बीमार हो जाता है. मर जाता है. इसी अफवाह में पढ़ कर कुछ अशिक्षित लोग वैक्सिन लेने के नाम पर डरते हैं और वैक्सीन टीम को देखकर भागते हैं. जो उसमें डॉक्टर, नर्सेज एवं अन्य स्टाफ को एक पल आता देख जब मजदूर वर्ग को लगता है कि यह अब हमको बैक्सिन दे देगा. लोग रोने लगते हैं. कुछ लोग चिकित्सक और चिकित्सा पदाधिकारी और नर्सेज के साथ गाली गलौज करते हैं. कुछ मारने को दौड़ते हैं. 

इन सबसे बेपरवाह बरबीघा रेफरल हॉस्पिटल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फैजल ने बतलाया कि जब हम खेत पहुंचकर लोग कटनी में व्यस्त हैं और उनको खेत में जब हम वैक्सीन देने जाते हैं तो लोग कुछ भाग जाते हैं. कुछ गाली देते हैं.  जो गाली देते हैं उनके गाली का परवाह नहीं करते हैं. उनके गाली को हम नहीं लेकर उसको वैक्सीन के रूप में उन्हें लौटा देते हैं.डॉक्टर फैजल के इस कदम को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तारीफ के कसीदे पढ़ रहे लोगों की माने तो डॉक्टर फैजल कोरोना वैक्सीन  को लेकर सजग है. 

फैजल ने पूरी टीम को  धन्यवाद दिया और बताया की इसमें कुछ स्टूडेंट जो नर्सिंग क्लास कर रहे हैं वह आते हैं और खेत में जाकर 3 किलोमीटर पैदल चलकर मजदूर लोग और खेती में लगे हुए किसानों को जिन्होंने नहीं वैक्सीन लिया है. उनको समझा बुझाकर वैक्सीन देने का काम कर रहे हैं. चिकित्सा पदाधिकारियों ने बताया कि हमारा सोच है कि शत प्रतिशत लोगों को वैक्सीन का टीका लगा दिया जाए और कोरोना से लोगों का जीवन बचाया जाए. 

शेखपुरा से दीपक कुमार की रिपोर्ट 

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