पटना हाईकोर्ट में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकार के गठन पर टली सुनवाई, जानिए क्या है पूरा मामला

पटना हाईकोर्ट में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकार के गठन पर टली सुनवाई, जानिए क्या है पूरा मामला

PATNA : पटना हाईकोर्ट में मानसिक रोग चिकित्सा के सिलसिले में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकार के गठन के मामलें पर सुनवाई टल गयी। चीफ जस्टिस संजय करोल एवं जस्टिस संजय कुमार की खंडपीठ में आकांक्षा माविया की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही हैं। पिछली सुनवाई में चीफ सेक्रेटरी ने हलफनामा दायर कर जानकारी दी कि राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकार का गठन कर दिया गया है। कोर्ट को बताया गया कि प्राधिकार के पदेन सदस्यों व अन्य सदस्यों की नामित व बहाल करने की प्रक्रिया जारी हैं। अपर महाधिवक्ता एस डी यादव ने कोर्ट को बताया गया था कि प्राधिकार के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में शैलेन्द्र कुमार को नियुक्त किया जा चुका है।

पूर्व की सुनवाई में उन्होंने  कोर्ट को जानकारी दी कि कोइलवर स्थित मानसिक आरोग्यशाला में 272 बेड का अस्पताल बनाया जाना हैं। इसकी लागत 129 करोड़ रुपए होगी और 3 माह में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट को अपर महाधिवक्ता एस डी यादव ने बताया था कि राज्य के इकतीस जिलों मे ज़िला मानसिक स्वास्थ्य प्रोग्राम प्रारम्भ हो गया हैं। साथ ही शेष आठ जिलों में इसे स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार की सहमति मिल गई है। उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी थी कि मानसिक रोगियों के ईलाज के लिए 61 डॉक्टरों व 47 नर्सों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया हैं। मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के मामलें में एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने चार दिनों का समय  देते हुए इस प्राधिकार को पूरी तरह से शुरू करने के लिए एक समय सीमा देने का निर्देश दिया था। अपर महाधिवक्ता एस डी यादव ने बताया कि  इस मामलें पर आगे की सुनवाई ग्रीष्मावकाश के बाद होगी।

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