चकबंदी कार्यक्रम में हो रही देरी पर हाईकोर्ट नाराज, मुख्य सचिव से मांगा जवाब

चकबंदी कार्यक्रम में हो रही देरी पर हाईकोर्ट नाराज, मुख्य सचिव से मांगा जवाब

PATNA :  प्रदेश में चकबंदी कार्यक्रम को पूरा करने में हो रही देर पर पटना हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस संबंध में राज्य़ के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को 18 फरवरी तक जवाबी हलफनामा पेश करने का आदेश दिया है। 

पटना हाईकोर्ट के जज ज्योति शरण व अरविंद श्रीवास्तव की खण्डपीठ ने आज कैमूर किसान विकास समिति की ओर चकबंदी कार्यक्रम में हो रही देरी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट चकबंदी कार्यक्रम को पूरा करने में राज्य सरकार द्वारा की जा रही देरी को लेकर नाराजगी जताई। वहीं राज्य सरकार के मुख्य सचिव को 18 फरवरी तक जवाबी हलफनामा पेश करने का आदेश दिया। 

सुनवाही के दौरान कोर्ट भी यह जानकर हैरान रह गई कि पिछड़े डेढ़ दशक से हाईकोर्ट द्वारा दो-दो बार आदेश होने के बावजूद भी राज्य सरकार चकबन्दी कार्यक्रम को अंतिम नतीजे नहीं ला पा रही है। 

याचिकाकर्ता की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार की तरफ से हाईकोर्ट को 2004 में ही  आश्वासन दिया गया था कि सूबे में बंद पड़े चकबन्दी अभियान को फिर से चालू कर जोतों के समेकन का काम जल्द ही पूरा किया जायेगा। लेकिन नतीजा सिफर रहा। उसके बाद 2008 में फिर से हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चकबन्दी अभियान निश्चित समय सीमा में पूरा करने का आदेश दिया था जो आज तक पूरा नहि किया जा सका है। हाई कोर्ट ने इन तमाम आरोपों पर राज्य  सरकार को   विस्तृत जवाब देने का आदेश  देते हुए मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी मुकर्रर की।

पटना से देव की रिपोर्ट

Find Us on Facebook

Trending News