नर्सिंग कॉलेजों में नियमों को दरकिनार करने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को दिया निर्देश – तीन माह में सभी संस्थानों की कराएं जांच

नर्सिंग कॉलेजों में नियमों को दरकिनार करने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को दिया निर्देश – तीन माह में सभी संस्थानों की कराएं जांच

PATNA : बिहार के सभी नर्सिंग कॉलेज व स्कूलों की जांच होगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य में संचालित सभी सरकारी व निजी नर्सिंग कॉलेज व स्कूलों में बिहार नर्सिंग काउंसिल के दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर जांच की जाएगी। इस बात का आदेश पटना हाईकोर्ट ने दिया है। जिसके लिए सरकार को तीन माह का समय दिया गया हैष। मामले में चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने धीरेन्द्र कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। 

कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि जरूरत हुई,तो याचिकाकर्ता को फिर कोर्ट में आने की छूट होगी। कोर्ट ने याचिका को निष्पादित करते हुए अन्य बातों के अलावा यह भी स्पष्ट किया है कि कोर्ट द्वारा इस मामले में मेरिट के आधार पर कोई राय व्यक्त नहीं किया गया है।

 2018 में जारी दिशा निर्देशों के अनुसार होगी जांच

जानकारी के अनुसार 20 अप्रैल 2018 को राज्य सरकार द्वारा नर्सिंग कॉलेज, बीएससी नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के तहत जरूरी आवश्यकताओं की जांच की जाएगी। साथ ही, जरूरी मानकों को पूरा नहीं करने वाले राज्य में संचालित नर्सिंग स्कूल व कॉलेजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पटना उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता के द्वारा की जाने वाली शिकायतों की भी जांच का निर्देश दिया है।

संबंधित अधिकारी के पास जाएं याचिकाकर्ता

याचिकाकर्ता को चार सप्ताह के अंदर नर्सिंग कॉलेज व स्कूलों की जांच को लेकर संबंधित अधिकारी के समक्ष आवेदन करने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, राज्य सरकार को तीन माह के अंदर जांच की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार राज्य में करीब 200 से अधिक सरकारी व प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज व स्कूल संचालित हैं।इनमें सरकारी नर्सिंग कॉलेज व स्कूल निर्धारित मानकों को कमोबेश पूरा करते हैं। जबकि प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज व स्कूल द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया जाता है। 

कॉलेजों की बदहाली को लेकर उठाए गए सवाल

याचिकाकर्ता धीरेंद्र कुमार के अनुसार पटना उच्च न्यायालय में दाखिल की गई याचिका में बिहार नर्सिंग काउंसिल के निबंधक पद पर वरीयता की अनदेखी कर नियुक्ति किए जाने सहित विभिन्न विषयों को उठाया गया था।उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देश के अनुसार वे जल्द याचिका में उठाए गए सवालों की जांच को लेकर आवेदन सक्षम अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के समक्ष दाखिल करेंगे।

मानक के अनुसार नहीं हैं अस्पताल में बेड की संख्या

नर्सिंग स्कूलों के पास संबंधित जिला सिविल सर्जन द्वारा निबंधित सौ बेड का अस्पताल होना आवश्यक है लेकिन कई स्कूलों द्वारा इसका पालन प्रशिक्षण के क्रम में नहीं किया जाता है। नर्सिंग कॉलेज व स्कूलों की मंजूरी दिए जाने में भी नियमों की अनदेखी के आरोप विभाग पर लगते रहे हैं।

कॉलेजों की बदहाली को लेकर उठाए गए सवाल

याचिकाकर्ता धीरेंद्र कुमार के अनुसार पटना उच्च न्यायालय में दाखिल की गई याचिका में बिहार नर्सिंग काउंसिल के निबंधक पद पर वरीयता की अनदेखी कर नियुक्ति किए जाने सहित विभिन्न विषयों को उठाया गया था।उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देश के अनुसार वे जल्द याचिका में उठाए गए सवालों की जांच को लेकर आवेदन सक्षम अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के समक्ष दाखिल करेंगे।

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